हिसार। फिजियोथैरेपिस्ट से 4.32 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में साइबर थाना पुलिस ने पटना से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने ठगों को बैंक अकाउंट उपलब्ध करवाए थे। इनमें से एक खाते में ठगी के करीब 10 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे।
पुलिस ने वीरवार को हर्ष, विक्की और दीपक को अदालत में पेश किया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जांच अधिकारी हरिओम ने बताया कि तीनों आरोपी दोस्त हैं। हर्ष और दीपक ने फर्जी फर्म के नाम पर करंट अकाउंट खुलवाया था। बाद में यह अकाउंट दीपक ने किसी अन्य व्यक्ति को दे दिया। उस व्यक्ति की पहचान अभी नहीं हुई है। जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम 2200 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की गई।
फर्जी सिम उपलब्ध कराने वाला भी गिरफ्तार
पुलिस इस मामले में इससे पहले बिहार के बेतिया निवासी सुमित को गिरफ्तार कर चुकी है। सुमित जियो स्टोर चलाता था। उसने आरोपियों को फर्जी सिम उपलब्ध करवाया था, जिसके जरिये फिलीपींस का आईपी जनरेट किया गया।
ऐसे हुई फिजियोथैरेपिस्ट से ठगी
फिजियोथैरेपिस्ट धर्मवीर ने शिकायत में बताया कि जुलाई में उसके मोबाइल पर अज्ञात नंबर से रिबाउंस एप का लिंक आया था। एप पर ट्रेडिंग में मुनाफे की बात देखकर उसने भी निवेश की इच्छा जताई। इसके बाद व्हाट्सएप पर शालिनी नाम की महिला के मैसेज आने लगे और उसने ट्रेडिंग के लिए कहा। धर्मवीर ने 15 जुलाई को बताए गए खाते में एक लाख रुपये जमा किए। शुरुआत में उसे मुनाफा दिखाया गया। इसके बाद अलग-अलग खातों में 9 सितंबर तक उससे 4 करोड़ 32 लाख 27 हजार रुपये जमा करवा लिए गए। रकम निकालने पर जब रुपये नहीं निकले तो उसे ठगी का पता चला।