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इस बार आश्वासन नहीं मांग पूरी होने पर ही उठेंगे

Wed, 22 Feb 2017 12:51 AM IST
amarujala/Hisar
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Old jatt
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अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने कहा है कि 26 फरवरी को प्रदेश भर में काला दिवस मनाया जाएगा। जाट समाज के लोग काले कपडे़ पहनकर सरकार के प्रति अपना रोष जाहिर करेंगे। इस बारे में समिति की ओर से प्रचार किया जाएगा। समिति सदस्यों ने कहा इस बार आश्वासन नहीं मांग पूरी होने पर ही उठेंगे। सरकार आश्वासन देकर बाद में उनसे मुकर जाती है। हमें फिर से धरने को मजबूर होना पड़ता है।
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रामायण रेलवे ट्रैक के पास अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष का मंगलवार को 24वें दिन भी धरना जारी रहा। सोमवार को पानीपत में अधिकारियों के साथ बैठक में हिस्सा लेकर लौटे संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बातचीत का ब्योरा जनता को दिया। धरने पर बैठे लोगों को संबोधित करते हुए प्रदेश प्रवक्ता रामभगत मलिक ने कहा कि कमेटी बातचीत के लिए तैयार होकर नहीं आई थी। कमेटी की ओर से जवाब नहीं थे। कमेटी में शामिल होने वाले अधिकारियों की भाषा भी सही नहीं थी। इन सब कारण से लगा कि प्रदेश सरकार की मंशा सही नहीं है। सरकार नहीं चाहती तक बातचीत से समाधान निकले। जिला अध्यक्ष कृष्ण किरमारा ने कहा कि सरकार के प्रतिनिधि बातचीत के जरिए समाधान नहीं चाहते थे। इस कारण उनके तेवर सही नहीं थे। किसी भी मांग पर सहमति की बजाए उसे लटकाने का प्रयास किया जा रहा था। अब समिति 24 फवरी को मीटिंग कर आगे की रणनीति का फैसला लेगी। उन्होंने कहा कि 26 फरवरी को प्रदेश भर में सरकार के खिलाफ ब्लैक डे मनाया जाएगा। जाट समाज के लोग काले कपडे़ पहनकर सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश प्रकट करेंगे। हर धरने पर महिलाएं भी काली चुन्नी ओढ़कर पहुंचेगी। एक मार्च से सरकार के खिलाफ असहयोग आंदोलन शुरू करेंगे।

समर्थन देने पहुंचेेे
मंगलवार को पूर्व विधायक पूर्ण सिंह डाबड़ा, सतबीर सिसाय, राजमल काजल, सतरोल खाप के अध्यक्ष इंद्र सिंह मोर, पूर्व सरपंच नफे सिंह सहित अन्य ने संबोधित किया। जाट आरक्षण को समर्थन करते हुए हर स्तर पर सहयोग का एलान किया।
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प्रदेश सरकार तुरंत माने मांग
धरने को इनेलो की प्रदेश महासचिव कृष्णा खरब ने कहा कि जाट समाज की मांग को सरकार तुरंत माने। प्रदेश के सीएम ने जाट समाज की मांगों को मानते हुए सहमति दी थी। अब सरकार अपने वादे से मुकर रही है। सभी छत्तीस बिरादरी के लोगों का जाट समाज को समर्थन है।
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