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Hisar News: छूट गया आशियाना...जिंदगी बचाने के लिए रामगढ़ बस्ती वालों ने पकड़ी सुरक्षित डगर

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गंगवा के गांव रामगढ़ बस्ती की जलमग्न सड़क पर चलती नाव।
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हिसार। राजगढ़ रोड स्थित गंगवा गांव की रामगढ़ बस्ती में सप्ताहभर से जलभराव हो रहा है। वहां कई घर जलमग्न हैं। पानी निकासी के लिए प्रशासन की ओर से लगाई गई दो मोटरों को ग्रामीण नाकाफी बता रहे हैं। अब मकान गिरने का खतरा है। इसलिए रामगढ़ बस्ती के निवासी मजबूरी में घर छोड़ रहे हैं। लोग टेंपो और ट्रैक्टर ट्रॉली में सामान भरकर लोग सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर हैं।
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ग्रामीणों के मुताबिक सभी रास्ते डूबने के कारण लोगों को नाव या ट्रैक्टर ट्रॉलियों से आवाजाही करनी पड़ रही है। पक्की सड़क टूट चुकी है जबकि कच्ची सड़क दलदली हो चुकी है। ग्रामीण जितेंद्र पनिहार ने बताया कि यह क्षेत्र नलवा विधानसभा क्षेत्र में स्थित है। इसलिए वहां के विधायक रणधीर पनिहार भी कई जगह मोटर देकर जलनिकासी में जुटे हैं। वह प्रभावित लोगाें तक खाना भी प्रयास कर रहे हैं। इसके बावजूद अधिक पानी आने से लोग डरे, सहमे हैं।

गांव के कुश्ती कोच सतीश कुमार ने बताया कि वह नर्सरी का संचालन करते हैं लेकिन जलभराव के कारण पहलवानों की दिनचर्या भी प्रभावित हो गई है। इसी क्षेत्र से सटे आर्यनगर और कैमरी क्षेत्र में भी कई घर, स्कूल, खेल के मैदान, अस्पताल और पशु अस्पताल डूबे हैं। उधर, मिर्जापुर, सुलखनी, खोका और नियाणा क्षेत्र में भी कई जगह जलभराव से जनजीवन प्रभावित हुआ है। लोग स्कूल, फैक्टरी, रिश्तेदारी आदि सुरक्षित स्थानों पर रहने के लिए मजबूर हैं।
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गंगवा गांव की रामगढ़ कॉलोनी गहरे स्थान पर बसी है। इसमें बाहरी क्षेत्र का पानी भरा है। यह ड्रेन टूटने या अन्य कारण से भरा है। इसकी जल्द निकासी करा भविष्य में आने वाले पानी की भी रोकथाम होनी चाहिए।

- पृथ्वी सिंह, ग्रामीण।

गांव की काॅलोनी में सभी सड़कें डूब चुकी हैं। वहां रहने वाले अधिकतर लोग मजदूर वर्ग के हैं। इस कारण लोग मजदूरी करने तक नहीं जा पा रहे हैं। लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है।

- संजय, निवासी गंगवा।

हमारे गांव में कई दिनों से जलभराव हो रहा है। इस कारण भीगे कपड़े और बिस्तर सूख तक नहीं सका है। लगातार नमी में रहने से बीमार पड़ने का खतरा है। इसलिए सुरक्षित जगह की तलाश है।

- कमलेश, रामगढ़।

गांव में पूरी रामगढ़ कॉलोनी पानी में डूबी है। कहीं भी सुरक्षित स्थान नहीं मिल सका है। इसलिए अब हमने रेलवे परिसर में जाने का निर्णय लिया है। अब हम सबको वहीं कुछ दिन रहना पड़ेगा।
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- चांदनी, रामगढ़।
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