कुत्तों के टीकाकरण को लेकर कृष्णा नगर में कुत्ते पकड़ते निगम कर्मचारी।
हिसार। आवारा कुत्तों के बधियाकरण व टीकाकरण अभियान के दूसरे दिन कृष्णा नगर में शुक्रवार को कुत्तों को पकड़ने के लिए हंगामा हो गया। इस दौरान लोगों ने पिल्लों को पकड़ने की मांग की। मगर ठेकेदार के कारिंदों ने यह कहते हुए इन्हें पकड़ने से मना कर दिया कि कम उम्र व वजन वाले कुत्तों का बधियाकरण नहीं किया जाएगा। अभियान के दूसरे दिन शहर से 21 कुत्ते पकड़े गए।
आवारा कुत्तों के बधियाकरण व टीकाकरण अभियान के तहत ठेकेदार की टीम शुक्रवार को कृष्णा नगर पहुंची। यहां टीम ने दो बार में 21 कुत्तों को पकड़ा। अब इन कुत्तों का बधियाकरण व टीकाकरण करने के बाद वापस इसी एरिया में छोड़ दिया जाएगा। इससे पहले टीम ने अभियान के पहले दिन वार्ड 9 के आनंद निकेतन से 5 आवारा कुत्ते पकड़े थे।
यूं हुआ हंगामा
शुक्रवार को टीम जब कृष्णा नगर में आवारा कुत्तों को पकड़ने पहुंची तो वहां एक जगह 4-5 पिल्ले भी थे। इस दौरान स्थानीय लोगों ने टीम से इन पिल्लों को भी पकड़ने की मांग की। हालांकि कुछ लोग बोले कि इन्हें न पकड़ा जाए। इसी बात के लिए ये लोग टीम के साथ बहसबाजी करने लगे। इस पर टीम के सदस्यों ने उन लोगों को समझाया कि नियमानुसार 6 माह से कम उम्र और 10 किलोग्राम से कम वजन वाले कुत्तों का बधियाकरण नहीं किया जा सकता। इस बात को सुनकर वह लोग शांत हो गए।
आज पहुंचेंगे पशु चिकित्सक
इन कुत्तों का बधियाकरण व टीकाकरण के लिए शनिवार को दो पशु चिकित्सक व एक सहायक शहर पहुंचेंगे। संभावना है कि शनिवार से ही पकड़े गए कुत्तों का बधियाकरण व टीकाकरण शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद तीन से चार दिन तक इनकी निगरानी की जाएगी और फिर इन्हें उसी एरिया में छोड़ दिया जाएगा, जहां से इन्हें पकड़ा गया था।
जीजेयू कैंपस से बंदर व आवारा कुत्ते पकड़ने की मांग
उधर गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ और विश्वविद्यालय के विभिन्न छात्र संगठनों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि विश्वविद्यालय कैंपस से बंदर व आवारा कुत्ते पकड़े जाए। इस मांग को लेकर शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मेयर के पीए लक्की बत्रा के माध्यम से निगमायुक्त के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में लगभग 350 आवासीय परिवार, 2200 छात्राएं, 2000 छात्र, 3000 से अधिक डे-स्कॉलर और लगभग 1000 कर्मचारी व आगंतुक आते हैं। बंदर व कुत्ते के हमले से कई छात्र, अध्यापक व परिवारजन घायल हो चुके हैं। निगम प्रशासन से मांग है कि इस समस्या का तुरंत समाधान करवाया जाए।