शहर में आवारा कुत्तों की समस्या बढ़ती जा रही है। हालत ये है कि हर रोज 8 से 10 मरीज नागरिक अस्पताल में कुत्ते के काटने के बाद रेबिज का टीका लगवाने के लिए आ रहे हैं। यह समस्या एक मोहल्ले की नहीं बल्कि पूरे शहर की है। हर गली-मोहल्ले में आवारा कुत्तों की तादात दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। जनमंच के माध्यम से लोगों ने अपनी राय देते हुए जिला प्रशासन और नगर निगम द्वारा ठोस कदम उठाने की राय दी है। आमजन का कहना है कि आवारा कुत्तों की नसबंदी की जाए और उनको पकड़ा जाए तो इस समस्या से निदान मिल सकता है।
आवारा कुत्तों की नसबंदी की जाए
शहर के गली मोहल्लों में आवारा कुत्तों की भरमार है। कॉलोनी में भी आवारा कुत्ते घूमते रहते हैं। गली में बच्चे भी खेलते हैं। ऐसे में भय बना रहता है कि कहीं कोई आवारा कुत्ता बच्चों को न काट ले। कुछ दिन पहले गली में खेल रहे पांच साल के एक बच्चे को आवारा कुत्ते ने काट लिया था। उनका कहना है कि नगर निगम की तरफ से आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाए और उनकी नसबंदी की जाए। ऐसा होने से शहरवासियों को आवारा कुत्तों से निजात मिल पाएगी।
प्रकाश राव, महाबीर कॉलोनी
खूखांर कुत्तो के पालने पर हो पाबंदी
सभी कुत्तों की नसबंदी व वैक्सीनेशन की जाए। बुली, पिटबुल जैसे जानलेवा खूंखार नस्ल के कुत्तों को पालने पर ही पूर्णतया पाबंदी होनी चाहिए। अन्य नस्ल के पालतू कुत्तों की वैक्सीनेशन के बाद ही उन्हें पालने की अनुमति मिलनी चाहिए।
सुनील बास।
प्रशासन करे सख्ती
शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय है। आए दिन गली मोहल्लों में आवारा कुत्तों द्वारा काटने के मामले सामने आ रहे हैं। पिछले दिनों हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में एक आवारा कुत्ते ने बुजुर्ग महिला को काट लिया था। कई बार तो जब गली से बाइक से गुजरते हैं तो कुत्ते बाइक के पीछे दौड़ने लग जाते हैं। कुछ समय पहले नगर निगम की तरफ से आवारा कुत्तों की नसबंदी का अभियान चलाया था, लेकिन उसके बाद इस और कोई ध्यान नहीं दिया। फिर से अभियान चलाया जाए तो कुछ असर पड़ सकता है। वहीं प्रशासन की तरफ से भी सख्ती बरती जाए।
मंजीत, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी
कुत्तों की गंभीर समस्या बनी हुई है। नगर निगम की ओर से स्पेशल अभियान चलाकर कुत्तों को पकड़ा जाए। आए दिन कुत्तों के काटने के मामले बढ़ रहे हैं। उसके बाद भी इन पर रोक नहीं लगाई जा रही है। कई बार कुत्ते पीछे पड़ जाते हैं। ऐसे में एकदम हमला भी कर सकते हैं। नसबंदी कर ही इन कुत्तों से निजात मिल सकती है।
मुकेश सैनी।