सिवानी मंडी में सीवरलाइन के मैनहोल को खोलने के लिए खोदी गई सड़क। स्रोत : संवाद
सिवानी मंडी। शहर में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के दावों के बीच विभागों में तालमेल की उजागर हुई है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से हाल ही में तहसील परिसर के सामने से रुपाणा रोड तक बने मार्ग को अब जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) कई स्थानों पर तुड़वा रहा है।
सड़क निर्माण के दौरान सीवर के कई मैनहोल सड़क के नीचे दबा दिए गए थे जिन्हें तलाशने के लिए कवायद जारी है। विकास की इसी डगर पर अव्यवस्था के यह गहरे घाव न केवल सरकारी धन की बेरहमी से बर्बादी कर रहे हैं, बल्कि राह से गुजरने वाले आम नागरिकों के लिए भी भारी मुसीबत और हादसों का सबब बन गए हैं।
मुख्यमंत्री के हालिया दौरे से पहले पीडब्ल्यूडी ने जल्दबाजी में करीब एक किलोमीटर लंबी और 18 फीट चौड़ी सड़क का निर्माण कराया था। हालांकि निर्माण कार्य पूरी तरह समाप्त भी नहीं हुआ था कि पीएचईडी को सीवर मैनहोल के ढक्कन निकालने के लिए कई स्थानों पर सड़क तोड़नी पड़ गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़क निर्माण से पहले दोनों विभागों के बीच उचित समन्वय होता तो नई सड़क उखाड़ने की नौबत नहीं आती। लोगों ने इसे सरकारी धन और संसाधनों की अनदेखी बताया है।
क्षेत्र के कई हिस्सों में सीवर का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो गई है। वकील कॉलोनी में गलियों का पानी सड़क किनारे जमा होने से लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। इसी मार्ग पर नगर पालिका चेयरपर्सन का आवास भी स्थित है।
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इस सड़क का निर्माण सीसी (कंक्रीट) का होना था। मैनहोल भी उसी स्तर पर लगाए जाने थे लेकिन पीडब्ल्यूडी ने सड़क का निर्माण रातों-रात ब्लॉक ईंटों से करवा दिया जिससे यह स्थिति उत्पन्न हुई।
- दीपक मालिक, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग