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Hisar News: अगले सप्ताह शुरू होगा शहर में पेयजल लाइन डालने का काम, 19 करोड़ रुपये की आएगी लागत

Sun, 16 Mar 2025 12:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
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जनस्वास्थ्य विभाग में आए हुए पेयजल पाइप।
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हांसी। शहर में 19 करोड़ रुपये की लागत से डाली जाने वाली 50 किलोमीटर लंबी नई पेयजल लाइन के लिए गुजरात से पाइप हांसी पहुंचना शुरू हो गए हैं। अगले सप्ताह तक पाइप पहुंच जाएंगे और पाइप लाइन डालने का काम भी शुरू हो जाएगा।
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जनस्वास्थ्य विभाग के पास करीब तीन वर्ष से पाइप नहीं थे। इस कारण कई गलियों का निर्माण कार्य भी रुका हुआ था। पाइप लाइन डाले जाने के साथ ही गलियों के निर्माण कार्य भी शुरू होंगे।
अभी तक जनस्वास्थ्य विभाग के पास 10 से 20 इंच तक के पाइप आ चुके हैं। 4 से 8 इंच तक के पाइप आने बाकी हैं। यह पाइप लाइन आगामी सप्ताह में पहुंचेंगे। इसके बाद विभिन्न क्षेत्रों में पाइप लाइन डालने का काम शुरू होगा। जहां पुराने पीवीसी पाइप डाले हुए हैं उन्हें बदला जाएगा। वहीं जिन क्षेत्रों में पाइप लाइन नहीं है वहां पर पाइप डाले जाएंगे।
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जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार ये काम 6 महीने के अंदर पूरा करवाया जाएगा। ताकी लोगों को पेयजल लाइन के लिए समस्या का सामना न करना पड़े। बता दें कि पेयजल लाइन डालने के लिए जींद की एक फर्म को दिसंबर महीने में टेंडर दिया था। फर्म का कार्य पेयजल पाइप डालने का है। पाइप मुख्यालय की तरफ से भेजे जा रहे हैं। इसके लिए विभाग के अधिकारियों ने दिसंबर महीने में ही मुख्यालय से पाइप की मांग की थी। लेकिन अब चार महीने के बाद पाइप यहां पहुंचे हैं। यह पाइप गुजरात के मुद्रा से आ रहे हैं।


इन गलियों का रुका हुआ है निर्माण
पाइप लाइन न होने के चलते वार्ड तीन में तीन, वार्ड 17 में तीन, वार्ड 6 में दो सहित विभिन्न वार्डों में कुल 12 गलियां हैं जिनका निर्माण कार्य दो वर्ष से रुका हुआ है। इन गलियों के निर्माण के लिए नगर परिषद टेंडर भी लगा चुकी थी। लेकिन पेयजल लाइन के लिए पाइप न होने के कारण गलियों का निर्माण कार्य रुका हुआ था।

शहर में 120 किलोमीटर लंबी है पेयजल लाइन
बता दें कि शहर में करीब 120 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन है। इस पूरी पेयजल लाइन को बदला जाना था। इसमें से करीब 20 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन को वर्ष 2014-15, 50 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन को वर्ष 2020 से 22 तक बदला गया था। बची हुई 50 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन को अब बदला जाएगा।


नई तकनीक से बने हुए हैं डीआई पाइप
जनस्वास्थ्य विभाग के अनुसार पहले पीवीसी पेयजल लाइन डाली जाती थी। जो पानी का दबाव बढ़ने से कुछ ही समय में डैमेज हो जाती थी या फिर उसमें लीकेज की समस्या आती थी। जिसे ठीक करने के लिए भी गलियों व रोड के हिस्से को तोड़ना पड़ता था और काफी समय तक पेयजल सप्लाई भी बाधित रहती थी। अब नई तकनीक से बने डीआई पाइप डाले जाएंगे। जो दबाव भी झेल सकते हैं। पेयजल लाइन डाले जाने के बाद शहर में पेयजल सप्लाई में समस्या नहीं आएगी। न ही यह पाइप जल्दी टूटेंगे।



पेयजल पाइप लाइन की सप्लाई आनी शुरू हो गई है। कुछ पाइप की सप्लाई आनी बाकी है। अगले सप्ताह तक यह पाइप भी आ जाएंगे। सोमवार को ठेकेदार को सूचित कर दिया जाएगा ताकी वह अपना काम जल्दी शुरू कर दे। छह महीने में काम पूरा करवा देंगे।- संजीव त्यागी, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।
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