हिसार। शहर के 20 वार्डों से घरों से कचरा एकत्रित करने के लिए नगर निगम की तरफ से लगाए गए टेंडर के तहत दोनों एजेंसियां एक दिसंबर से काम शुरू करेंगी। दोनों एजेंसियों के काम की निगरानी के लिए विशेष तौर पर एप तैयार करवाए गए हैं।
निगम की तरफ से रिहायशी एरिया व मार्केट एरिया कचरा एकत्रित करने के लिए अलग-अलग शेड्यूल बनाया गया है। इस दौरान एक गाड़ी करीब 750 घरों से कचरा एकत्रित करेगी।
नगर निगम की तरफ से इस बार घरों से कचरा उठाने के लिए दो टेंडर लगाए गए थे। ये दोनों टेंडर 5-5 साल के लिए हैं। ये दोनों एजेंसियां सिर्फ घरों से कचरे का उठान करेंगी। इस कचरे के निस्तारण के लिए निगम अलग से टेंडर लगाएगा, जिसके लिए अभी सरकार से अनुमति नहीं मिली है।
यूं रखी जाएगी निगरानी
दोनों एजेंसियों के कार्य की निगरानी के लिए एप तैयार करवाए गए हैं। एक एप निगम व दूसरा एप एजेंसी की तरफ से तैयार करवाया गया है। गाड़ियों की हर मूवमेंट का पता लगाने के लिए उन्हें जीपीएस सिस्टम से लैस किया गया है। इस तकनीक की मदद से निगम अधिकारी प्रत्येक गाड़ी की मूवमेंट पर नजर रख सकेंगे। अगर कोई व्यक्ति निगम से शिकायत करता है कि उसके घर से कचरे का उठान नहीं किया गया तो इस एप से ही पता लगाया जाएगा कि उस दिन गाड़ी से उक्त घर से कचरा उठाया है या नहीं। इन एप के लिए निगम की तरफ से एक कंसल्टेंट भी नियुक्त किया जाएगा।
सर्दियों में सुबह 8 तो गर्मियों में 7 बजे से शुरू होगा कचरा उठाने का काम
निगम के अनुसार कचरा उठाने के लिए मौसम के अनुसार अलग-अलग शेड्यूल तय किया गया है। सर्दी में गाड़ियां सुबह 8 बजे से कचरा उठाना शुरू करेंगी तो गर्मी के मौसम में यह काम सुबह 7 बजे से शुरू किया जाएगा। इस दौरान एक गाड़ी 750 घरों से कचरा उठाएगी। वार्ड 1 से 10 में 75 और वार्ड 11 से 20 में 75 गाड़ियां कचरा उठाएंगी, जिनमें 10 प्रतिशत गाड़ियां इलेक्ट्रिक होंगी। मार्केट एरिया से कचरा उस समय उठाया जाएगा, जब मार्केट पूरी तरह से खुल जाएगी। इस कारण से सभी मार्केट के लिए अलग-अलग समय रहेगा।
दो माह में 70 हजार प्रॉपर्टी पर लगे आरएफआईडी टैग
पूरे शहर में 1.10 लाख प्रॉपर्टी पर आरएफआईडी टैग लगाने जाने हैं। 3 माह में इस कार्य को पूरा किया जाना है। इस कार्य को शुरू हुए दो माह हो गए हैं और अभी तक करीब 70 हजार प्रॉपर्टी पर टैग लगाए गए हैं। वार्ड 1 से 10 में 30 हजार से ज्यादा और वार्ड 11 से 20 में 37,500 प्रॉपर्टी पर टैग लगाए जा चुके हैं। जब गाड़ी किसी घर से कचरा एकत्रित करेगी तो उस दौरान उस घर पर लगे टैग को स्कैन किया जाएगा। एजेंसी जितने घरों पर लगे टैग स्कैन करेगी, उसी हिसाब से निगम उसे भुगतान करेगा। हालांकि जब तक एजेंसी पूरे टैग नहीं लगाती है, तब तक उसे पूरा भुगतान किया जाएगा।
अब मुख्यमंत्री के हाथों नहीं होगा टेंडर का शुभारंभ
घरों से कचरा एकत्रित करने के कार्य का शुभारंभ 1 दिसंबर को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के हाथों होना तय था। मगर अब मुख्यमंत्री का कार्यक्रम रद्द हो गया है। हालांकि कचरे उठाने का कार्य एक दिसंबर से ही शुरू किया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री को टाउन पार्क के नवीनीकरण के कार्य का भी उद्घाटन करना था, जो अब नहीं होगा।
यह बोले लोग
एजेंसी ने जो टैग लगाए हैं, कुछ दिन बाद ये गायब मिलेंगे। जो दावे अब किए जा रहे हैं, कुछ दिनों बाद इनकी हवा निकली पाएगी। पहले भी इस तरह के दावे किए जाते रहे हैं। काम सही तरीके से हो, इसके लिए अधिकारियों को फील्ड में उतरकर उसकी मॉनिटरिंग करनी होगी। इसके अलावा जो व्यक्ति किसी वजह से गाड़ी में कचरा नहीं डाल सकते तो उनके लिए भी कुछ प्रबंध करना होगा।
- सतपाल ठाकुर, प्रधान, आरडब्ल्यूए, पीएलए।
कार्य शुरू होने के कुछ दिन बाद ही पता चलेगा कि यह व्यवस्था कितनी प्रभावी होगी। हालांकि इस कार्य की सही से मॉनिटरिंग की जानी जरूरी है, वह चाहे मैनुअली की जाए या तकनीक से। वर्किंग कपल के लिए निगम अलग से व्यवस्था जरूर बनाए।
- प्रवीण सिंघल, संरक्षक, आरडब्ल्यूए, सेक्टर 14 पार्ट टू।
कचरा उठाने के कार्य की शुरुआत एक दिसंबर से की जाएगी। इन दोनों टेंडर के शुरू होने से शहर की सफाई व्यवस्था में काफी सुधार होगा। इस दौरान एजेंसी के कार्य की पूरी निगरानी की जाएगी।
- नीरज, निगमायुक्त।