हिसार। बहुउद्देश्यीय महिला स्वास्थ्य कर्मचारी सुपरवाइजर संघ ने सोमवार को सिविल सर्जन कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत को ज्ञापन सौंपा।
संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि 26 सितंबर को जारी पत्र में सभी एएनएम को आरसीएच 2.0 प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया है, जबकि यह काम उनकी पदेन जिम्मेदारी में शामिल नहीं है। यह कार्य सूचना सहायकों का है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
संघ ने टीम वर्क की व्यवस्था, समान कार्य के लिए समान प्रशिक्षण, और ऑनलाइन कार्य का विरोध करने की मांग उठाई। संगठन की पदाधिकारी कांतारानी ने कहा कि ऑनलाइन कार्य के लिए आवश्यक संसाधन एएनएम के बजाय संस्था के नाम से जारी किए जाएं।
उन्होंने कहा कि जिस कर्मचारी के लिए प्रशिक्षण निर्धारित है, वही उसे ले, ताकि जिम्मेदारियों का सही बंटवारा हो सके। साथ ही स्वास्थ्य उपकेंद्रों का ऑनलाइन-ऑफलाइन कार्य अकेली एएनएम पर न डाला जाए।
संघ ने पिछले वर्ष का एलटीसी भुगतान जारी करने, जिन संस्थानों में सीएचओ नियुक्त नहीं हैं वहां नजदीकी सीएचओ की साप्ताहिक ड्यूटी लगाने, और शहरी क्षेत्रों में अतिरिक्त एएनएम तैनात करने की भी मांग की। महिलाकर्मी पहले से ऑफलाइन कार्य में व्यस्त रहती हैं, इसलिए उन पर ऑनलाइन काम करने का अनावश्यक दबाव न डाला जाए। इस दौरान माया रानी, बेबी भारती, ज्योति, सुमित्रा, कविता, सुनीता, रजनी, चंद्रकांता और सुषमा सहित कई महिलाकर्मी मौजूद रहीं।