हिसार। लाहौरिया चौक स्थित मस्जिद में वीरवार को मजहबी संकीर्णताओं की दीवारें सिमटती और इंसानियत की इबादत और बुनियाद की मजबूती की बानगी नजर आई। हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध और जैन समुदाय के लोगों के साथ किसान, सामाजिक और कर्मचारी संगठनों से जुड़े सदस्यों ने मस्जिद के शेड निर्माण में श्रमदान किया। किसी ने हाथों से काम संभाला तो किसी ने व्यवस्था में सहयोग दिया। शेड का काम पूरा होने के बाद सबने एक साथ भोजन किया और मुंह मीठा कराकर अमन का पैगाम दिया।
मुस्लिम समाज के लोग मस्जिद में शेड निर्माण कार्य को लेकर कई बार प्रयास कर चुके थे। बताया जा रहा है कि एक विशेष संगठन से जुड़े लोग अदालत में मामला होने की बात कहकर काम रुकवा देते थे। इस संबंध में मुस्लिम समाज की ओर से नगर निगम और पुलिस को भी शिकायत दी गई थी। वीरवार को विभिन्न समुदायों के लोगों ने सामूहिक श्रमदान से मस्जिद के लिए शेड तैयार किया। एडवोकेट हर्षदीप गिल, कर्मचारी नेता सुरेंद्र मान, बाबा हिंदुस्तानी मौजूद रहे।
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बाधाओं पर भारी पड़ी एकजुटता
सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत ने बताया कि कुछ लोग निर्माण कार्य में बाधा डाल रहे थे। वह अपने साथ कुछ वकील साथियों को लेकर मौके पर पहुंचे थे। एक व्यक्ति ने अदालत में मामला विचाराधीन होने की बात कहते हुए आपत्ति जताई। उससे संबंधित दस्तावेज मांगे गए, लेकिन कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका।
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इंसानियत ग्रुप के सहयोग से यह काम पूरा कराया गया है। यह अस्थायी व्यवस्था है। अब गर्मी, सर्दी और बारिश के मौसम में नमाज अदा करने में परेशानी नहीं होगी। यह भाईचारे की अनुकरणीय मिसाल है। देश में इसी तरह का भाईचारा कायम रहेगा तो देश तरक्की करेगा। किसान संगठनों, चर्च के पादरियों, निहंग सिखों सहित सर्व समाज के लोगों के सहयोग से यह कार्य पूरा हुआ।
- अब्दुल जब्बार, इमाम, जामा मस्जिद, लाहौरिया चौक।