हिसार। शहर की सफाई व्यवस्था संभाल रही निजी एजेंसियां अब नगर निगम की निगरानी में रहेंगी। अलग-अलग वार्डों और इलाकों से सफाई कार्य को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। कहीं कर्मचारी निर्धारित समय पर नहीं पहुंच रहे हैं तो कहीं नियमित सफाई नहीं होने से कूड़ा जमा होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम अधिकारियों ने निजी एजेंसियों के कामकाज की निगरानी सख्त करने की तैयारी शुरू कर दी है। शहर में सफाई कार्य के लिए तीन निजी एजेंसियों को जिम्मेदारी दी गई है। इनमें से दो एजेंसियों के खिलाफ अपेक्षाकृत ज्यादा शिकायतें अधिकारियों तक पहुंच रही हैं।
शिकायतों में कर्मचारियों के समय पर नहीं पहुंचने, निर्धारित क्षेत्र में सफाई नहीं करने और कई स्थानों से नियमित कचरा नहीं उठाने के मामले शामिल हैं। कुछ इलाकों में स्थानीय लोग भी सफाई व्यवस्था को लेकर लगातार आपत्ति दर्ज करा रहे हैं।
नगर निगम अब शहर की सफाई व्यवस्था की मैपिंग करवाने की तैयारी में है। इसके तहत अलग-अलग क्षेत्रों को चिह्नित किया जाएगा। इससे स्पष्ट होगा कि किस एजेंसी के जिम्मे कौन सा क्षेत्र है और वहां सफाई कितनी नियमित हो रही है। किसी क्षेत्र में सफाई नहीं होने पर संबंधित एजेंसी की जिम्मेदारी तय करना भी आसान होगा।
अधिकारियों का मानना है कि मैपिंग के बाद निगरानी व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी। एजेंसियों को अपने निर्धारित क्षेत्रों में तय मानकों के अनुसार सफाई सुनिश्चित करनी होगी। शिकायत मिलने पर मौके की स्थिति की जांच की जाएगी। इसके बाद संबंधित एजेंसी से जवाब भी लिया जा सकता है।
शिकायतों से परखी जाएगी कार्यप्रणाली : नगर निगम स्तर पर आने वाली शिकायतों को सफाई एजेंसियों के प्रदर्शन से जोड़कर देखा जाएगा। जिन क्षेत्रों से बार-बार शिकायतें आ रही हैं, वहां विशेष निगरानी की जाएगी।
अधिकारी यह भी देखेंगे कि शिकायत मिलने के बाद एजेंसी ने कितने समय में सफाई करवाई। निगम का प्रयास है कि निजी एजेंसियों की जिम्मेदारी स्पष्ट होने के बाद शहर के सभी इलाकों में नियमित सफाई बनी रहे। मुख्य सड़कों, बाजारों, रिहायशी क्षेत्रों और ऐसे स्थानों पर विशेष नजर रखी जाएगी, जहां कचरा अधिक जमा होता है।