नगर निगम में दो अनुबंधित डाटा एंट्री ऑपरेटरों को नौकरी से हटाने के बाद शुरू की गई हड़ताल दूसरे दिन दोपहर बाद खत्म हो गई। दोनों कर्मचारियों ने निगम अधिकारियों से लिखित में माफी मांग ली। इसके बाद अधिकारियों ने उनको नौकरी पर रखने का आश्वासन दिया। आश्वासन मिलते ही कर्मचारियों ने अपनी-अपनी ब्रांचों में जाकर निर्धारित कामकाज संभाल लिया। हड़ताल खत्म करवाने के लिए वार्ड तीन के पार्षद प्रतिनिधि पंकज दीवान ने मध्यस्थता की। उन्होंने पहले डीएमसी, फिर कमिश्नर और मेयर से भी इस बारे में बातचीत की। आखिरकार निगम प्रशासन कर्मचारियों को दोबारा रखने पर राजी हुआ।
गौरतलब है कि सोमवार को दो अनुबंधित कर्मियों सतनाम सिंह व रिम्पल को नौकरी से हटा दिया था। अधिकारियों का कहना था कि दोनों लगाई गई ड्यूटी करने में आनाकानी करते हैं। इसके बाद नगरपालिका कर्मचारी संघ के बैनर तले सभी अनुबंधित कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी थी।
दोनों कर्मियों ने दिलाया भरोसा, भविष्य में रहेंगे निष्ठावान
कमिश्नर डॉ. जेके आभीर और मेयर गौतम सरदाना के बीच इस मसले पर बातचीत होने के बाद डीएमसी को धरनास्थल पर भेजा गया। यहां डीएमसी को दोनों डाटा एंट्री ऑपरेटर ने लिखित में आश्वासन दिया कि वह अब अधिकारियों द्वारा लगाई गई ड्यूटी को निष्ठा के साथ पूरा करेंगे और किसी भी अधिकारी के आदेशों की अवमानना नहीं करेंगे। यूनियन प्रधान प्रवीन कुमार ने भी अधिकारियों को आश्वस्त किया कि भविष्य में ऐसे परिस्थितियां नहीं आने दी जाएंगी।
दोपहर तक परेशान होते रहे लोग
दूसरे दिन भी कर्मचारियों द्वारा ब्रांचों में काम नहीं संभालने के कारण दोपहर तक शहरवासी परेशान होते रहे। दोपहर तक प्रॉपर्टी टैक्स भी जमा नहीं हुआ। सारा काम ऑनलाइन होने के चलते अधिकतर लॉग-इन और पासवर्ड की जानकारी कंप्यूटर ऑपरेटर्स के ही पास थी। इसलिए अधिकारी दूसरे कर्मचारियों से भी काम नहीं करवा पाए। प्रॉपर्टी टैक्स संबंधित पुराना रिकॉर्ड देखने, प्रॉपर्टी टैक्स संबंधी रिपोर्ट करने, एनओसी जारी करने सहित अन्य कार्यों में लोगों को दिक्कत हुई। हालांकि दोपहर बाद समस्या का समाधान हो गया।
ईओ ने पूछा, क्या अब आरोप धुल गए
सोमवार को हड़ताल के दौरान ईओ हरदीप सिंह पर शाम पांच बजे बाद भी महिला कर्मचारियों से काम करवाने के आरोप लगाए गए थे। मंगलवार को ऑफिस के काम से ईओ हरदीप सिंह चंडीगढ़ चले गए। जब उन्हें हड़ताल खत्म करने की सूचना मिली तो उन्होंने सवाल किया कि नौकरी पर रखने के बाद उन पर लगाए गए आरोप धुल गए क्या। या फिर सिर्फ नौकरी दोबारा पाने के लिए ही आरोप लगाए गए थे। इसका जवाब कर्मचारियों को जरूर देना चाहिए। ईओ ने स्पष्ट कहा कि वह किसी के दबाव में नहीं आएंगे। अगर कोई कर्मचारी काम नहीं करेगा तो भविष्य में भी उसको हटाने के लिए उच्चाधिकारियों को लिखेंगे।
इनकम टैक्स सर्टिफिकेट बनवाने निगम कार्यालय आया था। इसके लिए प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच से रिपोर्ट करवानी होती है। मगर कंप्यूटर ऑपरेटर नहीं होने के कारण काफी देर इंतजार करना पड़ा।
- महेंद्र सिंह, शहरवासी
नगर निगम कार्यालय में जरूरी काम से आया था। मगर देखा तो सभी कर्मचारी हड़ताल पर थे। इस कारण काफी परेशानी हुई। अब वीरवार को ही काम हो पाएगा।
- रमेश कुमार, शहरवासी
दोनों कर्मचारियों ने लिखित में माफी मांग ली है। कमिश्नर डॉ. जेके आभीर ने मुझे उनके धरनास्थल पर जाकर लिखित माफीनामा लेने के निर्देश दिए थे। लिखित माफीनामा लेकर दोनों कर्मचारियों को दोबारा नौकरी पर रख लिया है। इसके बाद हड़ताल खत्म हो गई।
- डॉ. प्रदीप हुड्डा, डीएमसी, नगर निगम