गाड़ी में सवार बदमाशों ने राजगढ़ रोड पर स्कूल जा रहे एक दस साल के बालक का अपहरण कर लिया। बाद में उन्होंने फिरौती के लिए किसी को फोन लगाया तो पता चला कि व्यवसायी के बेटे के स्थान पर किसी और को उठा लिया।
इस पर बदमाश बालक को कॉलेज के पास छोड़कर फरार हो गए। बालक ने घर जाकर घटना के बारे में जानकारी दी तो परिजन अवाक रह गए। पुलस को अभी शिकायत नहीं दी गई है, पर पुलिस पता लगा रही है कि अपहरणकर्ताओं का निशाना किस व्यवसायी का बेटा था। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा पर सवालिया निशान लग गए हैं।
जानकारी के अनुसार राजगढ़ रोड स्थित एक निजी स्कूल में बस ड्राइवर का बेटा पैदल ही स्कूल जा रहा था। राजकीय कॉलेज के पास बनी पुलिया पर पहुंचा ही था कि एक गाड़ी आकर रुकी। इसमें सवार युवकों ने उसका अपहरण कर लिया। उसके मुंह आंख पर पट्टी लगा कर उसके हाथ पांव बांध कर उसे गाड़ी में पिछली सीट पर डाल दिया गया। इस पर वह चिल्ला तक नहीं पाया।
दादा को किया फोन, तो चला गलती का पता
बालक का अपहरण करने के बाद युवकों ने किसी नंबर पर फोन किया। दूसरी तरफ से बोलने वाले व्यक्ति को कहा गया कि आपका पोता हमारे चंगुल मे है।
उसे छुड़ाना है तो रुपयों का इंतजाम कर लो। दूसरी तरफ से व्यक्ति ने बताया कि उसका पोता तो उसके पास है। इसके बाद अपहरणकर्ताओं ने बालक से नाम पता पूछा। इसके बाद बदमाशों को आभास हो गया कि वे व्यवसायी के बेटे की बजाए किसी अन्य को उठा लाए हैं। बाद में वे बालक को राजकीय कॉलेज के पास छोड़कर फरार हो गए।
घर आकर बताई आपबीती
अपहरणकर्ताओं के चंगुल से आजाद होने के बाद बालक स्कूल की बजाए सीधा अपने घर पहुंच गया। परिजन उसे घर लौटा देख कर उसे डांटने लगे तो उसने अपने अपहरण की जानकारी मां व दादी को दी।
सूचना मिलते ही पिता भी घर पहुंच गया। इस बीच वारदात की सूचना किसी प्रकार पुलिस को चल गई। पुलिस ने बालक से पूरी वारदात का ब्यौरा लिया। शाम तक पुलिस मामले की छानबीन में लगी थी।
व्यवसायी के साथ पुलिस चिंतित
अपहरणकर्ता बालक को तो गलती से उठा ले गए, असल में उनका निशाना तो राजगढ़ रोड पर रहने वाले एक व्यवसायी का बेटा था।
बदमाश उसके अपहरण में कामयाब नहीं हो पाए, लेकिन वारदात के बाद व्यवसायी का परिवार तो बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंतित है ही साथ में पुलिस भी सकते मे आ गई है।
किसी स्कूली छात्र के अपहरण का मामला मेरी जानकारी में नहीं है। न ही बालक के अभिभावकों की ओर से कोई शिकायत दी गई है। बालक का अपहरण हुआ है तो इसकी जांच होगी। बालक के परिजन शिकायत देते हैं तो तुरंत मामला दर्ज कर लिया जाएगा।
- देवेंद्र नैन, थाना प्रभारी सिविल लाइन
जितेंद्र