पिता की मौत के बाद उसके हौसले टूट गए, लेकिन मां ने उसे सहारा दिया और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इतना ही नहीं पति की मौत के बाद मां ने स्वयं को संभालते हुए बेटे को पढ़ा-लिखाकर इस काबिल बना दिया कि आज सारा गांव उस पर नाज कर रहा है।
खंड के गांव माजरा निवासी जितेंद्र ने विषय परिस्थितियों को पीछे छोड़ते हुए यूपीएससी की परीक्षा में 431वां स्थान हासिल किया है। प्रेम प्रकाश पीटीआई के घर जन्मे 30 वर्षीय जितेंद्र ने कड़ी मेहनत करके अपने माता-पिता, गांव व राज्य का नाम रोशन किया है।
इसको लेकर गांव में खुशी का माहौल है। पिता के स्वर्गवास के बाद उसकी मां ने उसका लालन पालन बड़ी मेहनत से किया। पति की पेंशन और खेती-बाड़ी कर बेटे को पढ़ाया। पढ़ाई में किसी तरह की आर्थिक तंगी नहीं आने दी। जितेंद्र ने गांव निडानी, जींद से दसवीं की परीक्षा पास की और उसके बाद हिसार के डीएन कॉलेज से बीए पास की। दिल्ली से एमए की परीक्षा उत्तीर्ण की।
अभी दिल्ली की एक कंपनी में उच्च पद पर कार्यरत होने के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी करते रहे। इस दौरान ग्रामीण राकेश, महेंद्र सिंह, राहुल शर्मा, नसीब सिंह, रामबिलास, मीनू, दिलबाग बिल्लू, अशोक, धर्मेंद्र, शीला, कृष्णा, मेवा देवी व चंद्रपति आदि ने खुशी जताई।
बेहतरीन कबड्डी खिलाड़ी
जितेंद्र कबड्डी का बेहतरीन खिलाड़ी है। कबड्डी स्पर्धाओं में कई पदक जीते। कबड्डी का राज्यस्तरीय खिलाड़ी भी रह चुका है। वर्तमान में दिल्ली की एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता है।
संदीप को यूपीएससी में 455वां रैंक
मंडी आदमपुर। आदमपुर के गांव मोहब्बतपुर के बेटे संदीप बैनीवाल ने संघ लोक सेवा आयोग की चयन सूची में सफलता के झंडे गाड़कर ग्रामीण आंचल की प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। गांव की पृष्ठभूमि से निकले संदीप बैनीवाल को केंद्र सरकार में ग्रुप ए अधिकारी की नौकरी मिलेगी।
शुक्रवार को यूपीएससी चयन सूची में संदीप बैनीवाल ने ऑल इंडिया लेवल पर 455वां रैंक हासिल किया है। पुष्पेंद्र बैनीवाल के पुत्र संदीप ने पहले प्रयास में ही इस उपलब्धि को हासिल किया है। संदीप इस समय गांव समैण की पीएचसी में बतौर दंत चिकित्सक कार्यरत है। संदीप ने अपनी सारी पढ़ाई हिसार से ही पूरी की है।