हिसार। बारिश और ड्रेन टूटने के कारण हुए जलभराव से लोगों को अभी तक समस्याओं से निजात नहीं मिल पाई हैं। कैमरी, गंगवा, मिर्जापुर की ढाणियों और बाहरी हिस्सों की बस्ती में भरा पानी कम नहीं हो रहा। ट्रैक्टर और बिजली से मोटर चलाकर पानी निकासी के प्रयास किए जा रहे हैं। इन इलाकों में सेम के कारण जलस्तर भी ऊपर आ गया है। स्कूलों, घरों और सरकारी भवनों में डेढ़ से दो फीट तक पानी है।
चौव्वा ऊपर आने से अब जमीन पानी नहीं सोख रही। ढाणियों में रहने वाले लोग 28 अगस्त से ही मकान छोड़ कर दूसरे स्थानों पर जा चुके हैं। बेघर होने और चारे की कमी के कारण अपने पशुओं को रिश्तेदारों के घर पहुंचा दिया है। कुछ लोगों ने पशुओं को सस्ते में बेच दिया है।
गंगवा और कैमरी की कॉलोनियों में अब भी पानी भरा है। कई जगह बिजली और ट्रैक्टर से मोटर चलाकर पानी निकासी की जा रही है लेकिन तालाब भरने के कारण दूसरी जगह जाकर यही पानी दोबारा आबादी में पहुंच रहा है। इसी पानी को कई जगह ड्रेन में डाला जा रहा है। उसमें भी ओवरलोडिंग के कारण कच्ची ड्रेन कई जगह टूट रही है।
खेतों में भरा पानी कई जलघरों में पहुंच रहा है। इसी पानी को फिल्टर करके लोगों के घरों तक नलों से पहुंचाया जा रहा है। इसके स्वाद में बदलाव भी महसूस किया जा रहा है। बारिश और सीवर का पानी मिल जाने से पानी सड़ांध मारने लगा है। इससे पेट संबंधी बीमारियों की आशंका बन गई है। पानी में जहरीले जीवों के होने का डर भी सता रहा है।
स्कूल की छत से गिर रहा प्लस्तर
बारिश के दौरान कैमरी और आर्यनगर के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में करीब पांच दिन छुट्टी रही। दो दिन से बारिश बंद होने के बाद अब पढ़ाई शुरू हो गई है लेकिन खेल मैदान में अब भी पानी भरा है। कमरों में सीलन है। छत से प्लस्तर गिर रहा है। इसकी चपेट में आने से बच्चों के चोटिल होने का खतरा है।
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यहां भी गरीब पर मार
जलभराव वाले अधिकतर क्षेत्रों में गरीब और मजदूर वर्ग के लोग रहते हैं। इनमें आरक्षित जातियों की संख्या अधिक है। इस कारण कई लोग जातिगत आधार पर भी भेदभाव का आरोप लगा रहे हैं। जलभराव से प्रभावित रामगढ़ बस्ती के लोगों को मोहल्ला आजाद नगर स्थित गली नंबर चार में बने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ठहराया गया है। वहां भी जलभराव हो रखा है। दिनभर मजदूरी करके लोग शाम को परिवार के बीच पहुंच रहे हैं।
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गांव की गलियों में करीब 10 दिनों से पानी भरा है। कई मजदूरों की आजीविका प्रभावित हुई है। किसानों की भांति हमें भी मुआवजा मिले। सरकार को मजदूरों के लिए भी व्यवस्था करनी चाहिए।
- रामस्वरूप, कैमरी।
-फोटो एचएसआर 6
जलभराव के कारण मकान धंसने लगे हैं। दीवार चटकने लगी है। गहरी दरार पड़ने से इनके गिरने की आशंका है। इसकी भरपाई जल्द हो।
- शीला देवी, ग्रामीण।
-फोटो एचएसआर 7
हमारी कॉलोनी के करीब 100 मकानों में दरार पड़ चुकी है। फर्श धंस रहे हैं। पशुओं के चारे के लिए रखा सारा भूसा भी खराब हो गया है।
- शेर सिंह, कैमरी।
-फोटो एचएसआर 8
गांव की पूरी कॉलोनी सप्ताहभर तक जलमग्न रही। अब भी करीब 20 प्रतिशत क्षेत्र में पानी भरा है। इसके साथ ही 80 प्रतिशत कॉलोनी में नुकसान भी दिखने लगा है।
- बलवीर सिंह, कैमरी
-फोटो एचएसआर 38