कुलदीप जांगड़ा
हिसार। कोरोना से ठीक हो चुके अधिकतर मरीजों में कूल्हे, टकने और कलाई में खून स्राव के बंद होने की शिकायत आने लगी हैं। इस तरह के हर रोज जिला अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञों के पास कई मरीज आ रहे हैं, जिनमें एवीएम की शिकायत मिलती है। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेश कौशिक का कहना है कि इसे एवीएम कहा जाता है। यह बीमारी कोरोना से ठीक होने के एक या दो महीने बाद आती है। इस तरह की शिकायत मरीजों में खून गाढ़ा होने की वजह से आ रही है। यह एक गंभीर बीमारी है। इस बीमारी से समय पर उपचार लेकर छुटकारा पाया जा सकता है। वरना ऑपरेशन तक की नौबत आ सकती है।
हड्डी रोग विभाग की औसतन 200 के आसपास ओपीडी रहती है। इस विभाग में तीन हड्डी रोग विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे है, जिनमें एचओडी डॉ. सुरेश कौशिक, डॉ. विष्णु मित्तल और डॉ. नवनीत शर्मा शामिल है। अस्पताल में आने वाले इन मरीजों में अधिकतर बुजुर्ग शामिल है, जो एवीएम का शिकार हो रहे है। ऐसे 7 से 8 बुजुर्ग और 5 से 7 युवा भी आते है। फिलहाल इनका इलाज शुरू कर दिया है।
हड्डी गलने के आ चुके केस
विशेषज्ञों के मुताबिक यहां तक कि कुछ केस ऐसे भी देखने को मिले है, जिनकी हड्डी तक गल चुकी है। इसका केवल ऑपरेशन ही उपाय है। यदि इस बीमारी का समय पर उपचार न लिया जाए तो हड्डी गलने तक की आशंका रहती है।
यह है एवीएम
डॉ. सुरेश कौशिक के अनुसार इस बीमारी में खून के अवरोधक होने की वजह से हड्डियों में खून की सप्लाई कम हो जाती है। इस वजह से हड्डी अपने आप गलना शुरू हो जाती है।
महिलाओं में मिल रही घबराहट
चिकित्सकों के मुुुताबिक महिलाओं में भी यह बीमारी देखने को मिल रही है। यह भी पाया गया कि महिलाएं बेचैनी, भय और घबराहट की शिकार हो रही है। बाकी मरीजों में भी यह शिकायत मिलती है। इन मरीजों को काउंसिलिंग के लिए उमंग नाम से पोस्ट कोविड-19 ओपीडी में भेज दिया जाता है।
ये उपाय बरतें
- शुगर, बीपी या अन्य बीमारी से ग्रस्त मरीज अपनी नियमित दवा जारी रखें।
- व्यायाम करते रहे, ताकि खून का स्त्राव ठीक रहे।
- खाने-पीने में अनानास, अंजीर व मैथी का उपयोग करें।
- बैठते समय प्लाथी मारने, उकड़ुू बैठने और सीढ़ियां चढ़ने से परहेज करें।
काफी मरीज ऐसे आते है, जिनमेें एवीएम की शिकायत मिलती है। यह बीमारी खून का स्त्राव बंद होने के कारण आती है। ये समस्याएं मरीजों में कोरोना से ठीक होने के एक या दो महीने बाद आ रही है। ऐसे केस भी देखने को मिले है, जिनकी हड्डी गली हुई मिली है। ऐसे में ऑपरेशन करना पड़ता है। इसका समय पर चिकित्सक से उपचार कराएं। - डॉ. सुरेश कौशिक, एचओडी, हड्डी रोग विभाग, नागरिक अस्पताल, हिसार