हिसार। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने आमजन को राहत देने के लिए भवनों का नक्शा पास करवाने वाले पुराने पोर्टल को बंद कर नया सिस्टम शुरू किया लेकिन वो भी फेल साबित हो रहा है। हालत यह है कि विभाग ने एक की जगह दो पोर्टल शुरू कर दिए हैं, लेकिन एक भी ढंग से काम नहीं कर रहा है। इस कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निकाय विभाग की तरफ से पहले नक्शा पास करवाने के लिए हरियाणा ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम का संचालन किया जा रहा था। इसका जिम्मा निजी एजेंसी को दिया गया था। इसमें नक्शा पास करवाने में कभी कोई दिक्कत नहीं आती थी। इस पर आसानी से आवेदन किया जा सकता था। इस सिस्टम के जरिए आवेदन करने के साथ ही सभी जरूरी दस्तावेज भी अपलोड करने होते थे। दस्तावेज अलग से निगम कार्यालय में जमा करवाने का नियम भी नहीं था लेकिन विभाग ने अचानक इस सिस्टम को बंद कर दिया।
एक के बजाय दो पोर्टल बनाए
स्थानीय निकाय विभान ने अब एक के बजाय दो पोर्टल बनाए हैं। आवेदनकर्ता का पोर्टल अलग है और विभाग का पोर्टल अलग है। आवेदनकर्ता को सरल पोर्टल पर आवेदन करना होता है। आवदेन के साथ जरूरी दस्तावेज भी अपलोड करने होते हैं। इसके बाद अपलोड किए गए सभी दस्तावेज की कॉपी नगर निगम कार्यालय में जमा करवानी होती है। सरल पोर्टल पर आवेदन करने के बाद सारी जानकारी ऑनलाइन यूएलबी पर ट्रांसफर हो जाती है। यहां से निगम कर्मचारी आवेदनकर्ता की फाइल के निपटान की कार्यवाही शुरू करता है।
ये आ रहीं परेशानियां
नए सिस्टम में पोर्टल पर अपलोड करने वाले सभी दस्तावेज को ऑफलाइन निगम कार्यालय में भी जमा करवाना पड़ता है। ऐसे में लोगों को ऑनलाइन सिस्टम के बावजूद निगम कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं। पहले सारा सिस्टम सिर्फ ऑनलाइन ही था। दस्तावेज निगम कार्यालय में जमा करवाने का कोई झंझट भी नहीं था। अब दोनों ही पोर्टल सही काम नहीं कर रहे। सरल पोर्टल पर अक्सर तकनीकी समस्या रहती है। कभी सरल पोर्टल चल जाता है तो स्थानीय निकाय विभाग का पोर्टल बंद हो जाता है। इसके अलावा दस्तावेज अपलोड करने में ज्यादा समस्या आ रही है। एक एमबी से ज्यादा की फाइल अपलोड नहीं होती जबकि नक्शा पास करवाने के लिए काफी दस्तावेज देने होते हैं। फाइल का साइज ज्यादा कम कर देते हैं तो उसे पढ़ा भी नहीं जा सकता।
प्रतिदिन नक्शा पास करवाने के लिए आती हैं 4 फाइलें
निगम कार्यालय में नक्शा पास करवाने के लिए प्रतिदिन औसतन 4 फाइलें आती हैं। इस तरह साल भर में करीब 1400 फाइलें लगती हैं। इनमें ज्यादातर व्यावसायिक भवनों की होती है। निगम में काफी कम संख्या में रिहायशी मकानों के नक्शे पास करवाए जाते हैं।
निगम के आदेश से वास्तुकारों में रोष
भवन निर्माण के संबंध में निगम प्रशासन की तरफ से दिए गए एक आदेश से वास्तुकारों में काफी रोष है। पिछले दिनों निगम प्रशासन ने आदेश जारी किया कि शहर में बनने वाले भवनों पर वास्तुकार नजर रखेंगे। कोई भवन नक्शे के हिसाब से नहीं बनता है तो इसके लिए वास्तुकार पर कार्रवाई की जाएगी। वास्तुकारों का कहना है कि भवन नक्शे के अनुरूप बना रहा है या नहीं, यह देखना निगम प्रशासन का काम है।
चार माह से नक्शे के लिए आवेदन नहीं हो पा रहा है। पहले कह रहे थे कि पोर्टल बंद है। अब कहते हैं कि नया पोर्टल भी काम नहीं कर रहा है। मैंने तो निर्माण कार्य के लिए लोन भी ले लिया है लेकिन नक्शा पास न होने की वजह से निर्माण शुरू नहीं कर पा रहा हूं। - सतीश सेठी, निवासी, कृष्णा कॉलोनी
पहले नक्शा पास करवाने के लिए आवेदन करने वाला पोर्टल बंद था। अब नया पोर्टल शुरू हो गया, लेकिन वह ठीक से काम नहीं कर रहा है। सरल पोर्टल पर पहले से ही लोड रहता है। अब ऑफलाइन दस्तावेज भी जमा करवाने होंगे। ऑफलाइन ही दस्तावेज काम करवाने हैं तो ऑनलाइन सिस्टम का क्या फायदा है। निगम का यह आदेश तर्कसंगत नहीं है कि भवन का निर्माण नक्शे के अनुरूप नहीं किया जा रहा है तो उसके लिए आर्किटेक्ट जिम्मेदार होगा।
- अजय मित्तल, प्रधान, इंजीनियर एसोसिएशन