हिसार। राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ के गांव अनंतपुरा की डॉ. भावना यादव की हत्या मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी उदेश यादव को रिमांड के बाद अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस रेवाड़ी से बरामद मोबाइल को लैब में भेजेगी। वहीं, पुलिस मृतका के फोन और टैब को पहले ही फोरेंसिक लैब में भेजा हुआ है। वहीं आरोपी क्लर्क उदेश को एचएयू प्रशासन ने निलंबित कर दिया है। हत्या के मामले में क्लर्क का नाम आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह कार्रवाई की है। उदेश 2019 से विश्वविद्यालय में क्लर्क के पद पर कार्य कर रहा था।
सिविल लाइन थाना पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी उदेश को लिलोद गांव में लेकर गई थी। वहां आरोपी की निशानदेही पर घर के पास झाड़ियों से फोन बरामद कर कब्जे में ले लिया। पूछताछ के दौरान उदेश ने कई राज खोले हैं। हालांकि पुलिस इस बारे में कुछ बताने से बच रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। पुलिस ने आरोपी को शुक्रवार को अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया था।
वारदात के बाद अपने गांव गया था उदेश झाड़ियों में मिला मोबाइल खोलेगा राज
हिसार/रेवाड़ी। राजस्थान के कोटपुतली-बहरोड़ क्षेत्र के गांव अनंतपुरा की रहने वाली 25 वर्षीय डॉ. भावना यादव हत्याकांड की गुत्थी गहराती जा रही है। जांच में पता चला है वारदात के बाद आरोपी उदेश अपने गांव लिलोढ़ आया था। यहां उसने घर के पीछे झाड़ियों में मोबाइल छिपा दिया था। पुलिस मोबाइल की हिस्ट्री खंगालने में जुटी है।
वहीं, सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी उदेश यादव को रिमांड के बाद अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस रेवाड़ी से बरामद मोबाइल को लैब में भेजेगी। वहीं, पुलिस मृतका के फोन और टैब को पहले ही फाॅरेंसिक लैब में भेजा हुआ है।
पुलिस सूत्रों की मानें तो उदेश उसके क्वार्टर से मिली पेट्रोल की बोतल के बारे में कुछ नहीं बता रहा है। पुलिस उदेश के फोन से यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसने भावना को फोन या मैसेज करके बुलाया था या भावना खुद उसके कमरे पर आई थी। अभी पुलिस यही मानकर चल रही है कि उदेश ने ही भावना को बुलाया था। किसी को पता न चले इसलिए वह उसे क्वार्टर के पीछे से अंदर लाया था। दूसरी तरफ, भावना ने तेल छिड़ककर खुद को आग लगाई या झगड़े के बाद उदेश ने आग लगाई, इस एंगल पर भी जांच जारी है।
इन एंगल पर भी हो रही जांच : भावना हत्याकांड की जांच में पुलिस कई एंगल पर जांच कर रही है। पुलिस उन हालातों का पता लगाने का प्रयास कर रही है कहीं उदेश ने तो भावना को मरने के लिए नहीं उकसाया। पेट्रोल कहीं उदेश ने तो उपलब्ध नहीं कराया। वह भावना के जलने के बाद उसे जानबूझकर तो अस्पताल नहीं ले गया, ताकि कोई उस पर शक न करे। अभी यह भी पता नहीं चल पाया है कि भावना 23 अप्रैल को खुद हिसार आई थी या उदेश ने उसे बुलाया था। पूछताछ में उदेश भावना की हत्या से इन्कार कर रहा है। व्हाट्सएप चैट में भावनात्मक रूप से व्याकुल दिख रही है भावना : उदेश की पत्नी निक्की ने हिसार पुलिस को भावना के साथ हुई बातचीत की व्हाट्सएप चैट सौंपी है। इसमें भावना उदेश के प्रति भावनात्मक रूप से व्याकुल दिख रही है। चैट में भावना का एकतरफा प्यार नजर आ रहा है। असली राज तब खुलेगा जब उदेश के मोबाइल में चेकिंग के दौरान भावना के साथ हुई बातचीत के अंश सामने आएंगे। उदेश और भावना के बीच में आपस में क्या कुछ बातें होती थीं, इसी से कई राज खुलेंगे। अभी तक केवल भावना और निक्की की बात सामने आई है। उदेश और भावना में क्या बात होती थी, ये इस केस का महत्वपूर्ण एंगल है।
सिविल लाइन थाना पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी उदेश को लिलोढ़ गांव में लेकर गई थी। वहां आरोपी की निशानदेही पर घर के पास झाड़ियों से फोन बरामद कर कब्जे में ले लिया। पूछताछ के दौरान उदेश ने कई राज खोले हैं। हालांकि पुलिस इस बारे में कुछ बताने से बच रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। पुलिस ने आरोपी को शुक्रवार को अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया था। आरोपी क्लर्क उदेश को एचएयू प्रशासन ने निलंबित कर दिया है। हत्या के मामले में क्लर्क का नाम आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई की है।