हिसार। गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि भारत का 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का मार्ग गांवों से होकर ही गुजरता है। गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एनएसएस (राष्ट्रीय सेवा योजना) के स्वयंसेवकों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
वे वीरवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मुकलान में आयोजित सात दिवसीय ग्रामीण शिविर के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
कुलपति ने कहा कि आज के डिजिटल युग में डिजिटल ज्ञान जरूरी है। यदि गांव का युवा मोबाइल और इंटरनेट का सही उपयोग सीखता है, तो वह शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से उठा सकता है। उन्होंने कहा कि एनएसएस का उद्देश्य युवाओं में सेवा, अनुशासन, नेतृत्व और सामाजिक संवेदनशीलता का विकास करना है। एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अंजु गुप्ता ने कहा कि एनएसएस शिक्षा के साथ-साथ समाज से जुड़ने का एक उत्कृष्ट माध्यम है।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विनिता ने बताया कि शिविर के दौरान डिजिटल साक्षरता अभियान, स्वच्छता कार्यक्रम, पर्यावरण जागरूकता, स्वास्थ्य परामर्श, महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
विशिष्ट अतिथि के रूप में विद्यालय प्रधानाचार्य डॉ. नरेंद्र सिंह दुहन ने अपने विचार व्यक्त किए, जबकि ग्राम सरपंच राजेश ने विश्वविद्यालय की इस पहल की सराहना की। इस मौके पर डॉ. समृद्धि, डॉ. सुनीता, डॉ. विकास, डॉ. रामस्वरूप, शिवानी, सुमित आदि मौजूद रहे।