हिसार। सुंदर नगर ग्रीन बेल्ट मामले में कब्जा हटाने की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग को लेकर कब्जाधारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। मगर कोर्ट ने यह याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में याचिकाकर्ता निगमायुक्त के फैसले के खिलाफ मंडलायुक्त के पास जाए। अगर मंडलायुक्त भी नगर निगम के फैसले को सही ठहराते हैं तो यह आदेश जारी होने के सात दिन के अंदर निगम प्रशासन यह निर्माण नहीं तोड़ जाएगा। कानून विशेषज्ञों की मानें तो इस सात दिनों में याचिकाकर्ताओं हाईकोर्ट में जाने का समय मिल जाएगा।
बता दें कि सुंदर नगर ग्रीन बेल्ट मामले में 55 अवैध निर्माण को लेकर उच्च न्यायालय ने आदेश दिए थे कि अवैध निर्माण करने वालों को सुनवाई का मौका देकर उचित निर्णय करें। इसमें सभी पक्षों को सुनने के बाद निर्णय लिया गया है कि 20 अवैध निर्माण, जोकि वर्ष 2009 में गठित जिला नगर योजनाकार की कमेटी द्वारा नियमित किए गए थे, उन्हें छोड़कर शेष 35 अवैध निर्माण हैं, जिन्हें गिराने के आदेश दिए गए है।
निगम प्रशासन के अनुसार यदि अवैध निर्माणकर्ता 15 दिन के अंदर अंदर अपने स्तर पर अवैध निर्माण को नहीं हटाता है तो नगर निगम बिना किसी सूचना के अवैध निर्माण गिराने की कार्रवाई अमल में लाएगा। पूर्व निगमायुक्त अशोक कुमार गर्ग ने 27 अप्रैल को यह आदेश जारी किए थे और उनकी तरफ दी गई 15 दिन की समयावधि भी पूरी हो चुकी है।