हिसार। शहर में बिखरे भवन निर्माण मलबे (सीएंडडी वेस्ट) के एकत्रीकरण और उठान के लिए नगर निगम अब टेंडर लगाने की तैयारी में है। निगम इस टेंडर के माध्यम से पहले शहर में प्रतिदिन निकलने वाले सीएंडडी वेस्ट की वास्तविक मात्रा का आकलन करेगा और इसके बाद निपटान के लिए अलग से टेंडर जारी किया जाएगा। फिलहाल एकत्रीकरण व उठान संबंधी टेंडर प्रस्ताव को प्रशासनिक व वित्तीय मंजूरी के लिए शुक्रवार को होने वाली फाइनेंस सब कमेटी की बैठक में रखा जाएगा। इसकी अनुमानित लागत करीब 269 लाख रुपये है।
शहर में सीएंडडी वेस्ट निस्तारण की योजना वर्षों से अधर में लटकी है। इसके चलते बाहरी इलाकों, खाली भूखंडों और सड़क किनारे मलबे के ढेर लगे रहते हैं। इससे शहर की सुंदरता प्रभावित होती है और स्वच्छता सर्वेक्षण में भी अंक कटते हैं।
नगर निगम ने दिसंबर 2020 में सातरोड स्थित साउथ बाईपास के पास करीब पांच एकड़ में सीएंडडी वेस्ट प्लांट स्थापित किया था। इसका उद्घाटन तत्कालीन मेयर गौतम सरदाना ने किया था। योजना थी कि प्लांट में भवन निर्माण मलबे को रीसाइकिल कर इंटरलॉकिंग टाइलें तैयार की जाएंगी, जिनका उपयोग सड़क निर्माण में होना था, लेकिन योजना अभी तक पूरी तरह शुरू नहीं हो सकी।
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निपटान के लिए भी बनेगी नई व्यवस्था
निगम अधिकारियों के अनुसार, पहले टेंडर के आधार पर शहर में उत्पन्न होने वाले सीएंडडी वेस्ट की वास्तविक मात्रा का पता लगाया जाएगा। वर्तमान में निगम प्रतिदिन 40 मीट्रिक टन मलबा उत्पन्न होने का अनुमान लगा रहा है, इसी आधार पर एकत्रीकरण और उठान का प्रस्ताव तैयार किया गया है। आगे चलकर निगम उठान के रेट भी निर्धारित करेगा, जिसके तहत चयनित एजेंसी शहर से मलबा एकत्र कर प्लांट तक पहुंचाएगी।
अभी सीएंडडी वेस्ट के कलेक्शन व ट्रांसपोर्टेशन का ही टेंडर लगाया जाएगा। इसे फाइनेंस सब कमेटी की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। भविष्य में सीएंडडी वेस्ट का निपटान भी किया जाएगा।
- अमित बेरवाल, एमई, नगर निगम।