हिसार। दिन में धूप निकलने से राहत है पर रात में हाड़ कंपा देने वाली ठंड के तेवर और तीखे होते जा रहे हैं। रविवार रात न्यूनतम तापमान जमाव बिंदू के नजदीक जा पहुंचा, जिसका असर सोमवार सुबह 9 बजे तक रहा।
दिन में भी और दिनों की तुलना में धूप नरम रही। वहीं, शाम पांच बजे बाद गलन के कारण गर्म कपड़ों में भी हाथ-पैर कंपकंपाने लगे। रात के तापमान में एकाएक भारी गिरावट का असर बाजारों में दिखने लगा है। शाम को लोग जल्द घरों को लौटने लगे हैं। सोमवार को अधिकतम तापमान 23.3 डिग्री रहा, जो सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस कम है। वहीं न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री रहा, जो सामान्य से 8 डिग्री कम रहा।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार दिसंबर में रात के तापमान में गिरावट जारी रहेगी। यह जमाव बिंदु तक भी जा सकता है। पिछले 12 वर्षों में दिसंबर में 3 बार न्यूनतम तापमान माइनस में जा चुका है। इस माह की शुरुआत में न्यूनतम तापमान 9 से 10 डिग्री के बीच था, जो दूसरा पखवाड़ा शुरू होते ही शून्य के करीब पहुंच गया है। सोमवार को सुबह करीब नौ बजे तक ठंड का जबरदस्त असर रहा।
ग्रामीण इलाकों में फसलों पर बर्फ की परत देखी गई। वहीं, जिन लोगों की गाड़ियां खेतों में खड़ी थीं, उनकी छत पर बर्फ की पतली परत जम गई। कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. राजबीर सिंह के मुताबिक तापमान में इसी तरह की गिरावट जारी रही तो, गेहूं को फायदा हो सकता है, लेकिन सरसों और सब्जियों में नुकसान की आशंका है।