नगर निगम सदन की बैठक अब 18 की बजाए 19 नवंबर को होगी। सदन की बैठक के लिए सोमवार को पार्षदों को एजेंडे की प्रति भेजी गई है।
एजेंडे में कुल 11 प्रस्ताव शामिल किए गए हैं, जिन पर बैठक में पार्षदों की सहमति से फैसला लिया जाएगा। निगम सदन की इस बैठक में विकास के मुद्दे नहीं है।
अधिकतर मुद्दे बेहद छोटे स्तर के हैं। पार्षदों की ओर से विकास के कार्यों को इसमें शामिल नहीं किया गया। करीब चार महीने बाद हो रही इस बैठक में महत्वपूर्ण मुद्दे न होने से पार्षदों में रोष है।
एजेंडे में रखे गए प्रस्ताव
प्रस्ताव 1
क- वर्ष 2016-17 के वार्षिक बजट के लिए सुझाव व विचार विमर्श
ख - लेखा शाखा के वर्ष 2016-17 के लिए ईसीआर, अनुदान रजिस्टर, डिमांड रजिस्टर बनाने बारे
प्रस्ताव 2
नगर निगम की 407 दुकानों में से 402 दुकानों का इकरारनामा समाप्त हो चुका है। इन दुकानों का दोबारा से इकरारनामा तैयार करने के लिए सदन की अनुमति का प्रस्ताव
प्रस्ताव 3
हरियाणा सरकार की ओर से पुरानी सब्जी मंडी को डि नोटिफाई किया जा चुका है। नगर निगम ने इन दुकानदारों से 15 जून तक का ही किराया लिया था। अब इन दुकानों पर वापस कब्जा लेने का प्रस्ताव
प्रस्ताव 4
लेखा शाखा, मेयर, डिप्टी मेयर के नवनिर्मित कक्षों में रंग रोगन कराने बारे। गृहकर शाखा के रिकॉर्ड को रखने के लिए लोहे की रैक लगाने बारे
प्रस्ताव 5
नगर निगम की ओर से तैयार कराए गए कंप्रिहेंसिव मोबीलिटी प्लान को लागू करने के बारे
प्रस्ताव 6
लाहौरिया चौक से मिलगेट पुलिस चौकी तक की जर्जर सड़क को हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड को ट्रांसफर कराने का प्रस्ताव। सड़क ट्रांसफर होने के बाद एचएसएएमबी इसका निर्माण कराएगा।
प्रस्ताव 7
भवन निर्माण शाखा की ओर से जनवरी 2015 से अब तक अवैध निर्माणों को दिए गए नोटिस व उन पर की गई कार्यवाही की रिपोर्ट
प्रस्ताव 8
तिलकराज की ओर से मधुबन पार्क में बनाए गए मछली विहार व चिड़ियाघर के रख-रखाव के प्रस्ताव पर विचार विमर्श
प्रस्ताव 9
जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से बूस्टिंग स्टेशन या किसी अन्य काम के लिए जमीन मांगी जाए तो आवश्यक भूमि कीमत लेकर ही ट्रांसफर की जाए
प्रस्ताव 10
वार्ड चार की पार्षद रेखा सैनी ने महाराजा सूरसैन पार्क में बूस्टिंग स्टेशन के लिए 2166 गज जमीन जनस्वास्थ्य विभाग को ट्रांसफर करने का प्रस्ताव दिया है इस पर विमर्श के बारे में
प्रस्ताव नंबर 11
तकनीकी शाखा की ओर से विकास कार्य कराए जाने के बाद वहां पर मलबा रेत आदि छोड़ दिया जाता है। ठेकेदार को बिल की अदायगी से पहले स्वास्थ्य शाखा से रिपोर्ट ली जाए।
मुख्य सफाई निरीक्षक तथा सफाई निरीक्षक को वाहन भत्ता दिए जाने के बारे में