फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hisar News: हाउस की बैठक न होने से अवैध कॉलोनियों के प्रस्ताव को पास करने का मामला अटका

विज्ञापन
विज्ञापन
हिसार। नगर निगम की हाउस की बैठक न होने से अवैध कॉलोनियों के प्रस्ताव को पास करने मामला भी अटक गया है। इन कॉलोनियों का प्रस्ताव हाउस में पास करवाकर इन्हें मंजूर करवाने के लिए मुख्यालय भेजा जाना है, जहां सरकार इन कॉलोनियों को वैध करने पर अंतिम फैसला लेगी। शहरी स्थानीय निकाय विभाग की तरफ से पिछले दिनों निगम को कॉलोनियों का प्रस्ताव हाउस में पास करवाकर भिजवाने के निर्देश दिए गए थे। उधर निकाय से बाहर बसीं अवैध कॉलोनियां भी लंबे समय से मंजूर नहीं हो रही हैं, जबकि अन्य जिलों में इन कॉलोनियों को वैध किया जा चुका है।
विज्ञापन

नगर निगम के पास सरकार की तरफ से उनके पास 99 अवैध टुकड़ों की सूची आई थी। पहले फेज में 47 का सर्वे और दूसरे फेज में आए 52 अवैध टुकड़ों का सर्वे किया गया था। इसके बाद निगम की तरफ से 47 टुकड़े की सर्वे रिपोर्ट सरकार के पास भिजवा दी गई थी। हालांकि निगम की तरफ से 117 की सूची बनाकर भेजी गई थी, जिसमें से सरकार की तरफ से 99 टुकड़ों की सूची आई थी।
इन कॉलोनियों के हैं 47 टुकड़े
चंद्रलेन, विकास नगर, मॉडल टाउन एक्सटेंशन, योग नगर, मेला ग्राउंड के पास शिव नगर, नेता कॉलोनी, तायल गार्डन, आंबेडकर कॉलोनी, जगजीवन नगर, अग्रवाल कॉलोनी, ऋषि नगर, लाजपत नगर, सूर्य नगर, न्यू मॉडल टाउन, सेक्टर एक के पास आदर्श नगर, सत्या नगर, न्यू ऋषि नगर, राजीव नगर, महाबीर कॉलोनी, हनुमान नगर, गवर्नमेंट कॉलोनी, शास्त्री नगर, नवदीप कॉलोनी, किसान कॉलोनी, श्याम विहार टू, राजाराम गार्डन, आजाद नगर, उमेद विहार कॉलोनी, लक्ष्मी विहार कॉलोनी, आदर्श नगर के पास प्रोफेसर कॉलोनी।
विज्ञापन

32 अवैध कॉलोनियां भी लटकी
जिला नगर योजनाकार विभाग ने सरकार के आदेश पर वर्ष 2021 में अवैध कॉलोनियों का सर्वे करवाया था। इस दौरान हिसार शहर में 56 अवैध कॉलोनियां मिली थीं। इसके बाद शहरी स्थानीय निकाय मुख्यालय की तरफ से निगम को वर्ष 2022 में 24 अवैध कॉलोनियों के नक्शे भेजकर इन्हें वेरिफाई करने को कहा था। निगम ने इन नक्शों को वेरिफाई कर मंडलायुक्त के माध्यम से सरकार को भिजवा दिया था, जिसके बाद सरकार ने 9 कॉलोनियों को वैध किया था। इसी बीच मुख्यालय ने निगम को 32 बची हुई कॉलोनियों के नक्शे भिजवाए। करीब डेढ़ साल बाद निगम ने इन पर कार्रवाई शुरू की। निगम ने इन कॉलोनियों की रिपोर्ट भी सरकार के पास भेज दी थी लेकिन सरकार ने इन्हें भी हाउस के पास करवाकर भिजवाने का हवाला देते हुए इन्हें निगम को लौटा दिया था।
इन कॉलोनियों को नियमित करने के लिए भेजा था
टावर कॉलोनी एक्सटेंशन, चौधरी कॉलेानी, लक्ष्मी विहार व अन्य, बेनाम कॉलोनी (मास्टर कॉलोनी गांव सातरोड के सामने), बेनाम कॉलोनी घोड़ा फार्म रोड, बेनाम कॉलोनी सेक्टर 3 के पीछे, शिव कॉलोनी एक्सटेंशन (शिव कॉलोनी के साथ व जिंदल फैक्टरी के पास), शिव कॉलोनी एक्सटेंशन (शिव कॉलोनी के पीछे), स्वागत एन्क्लेव, अमरदीप कॉलोनी एक्सटेंशन, बेनाम कॉलोनी बालसमंद डिस्ट्रीब्यूटरी के साथ, बेनाम कॉलोनी हिसार से राजगढ़ रोड, बेनाम कॉलोनी गांव सातरोड के साथ, बीएचपी कॉलोनी एक्सटेंशन व अन्य, लक्ष्मी विहार, सच खंड, सैनिक विहार, बेनाम कॉलोनी डीएचएस रोड से सातरोड कलां रोड, शगुन विहार, बेनाम कॉलोनी हिसार से बगला रोड, बेनाम कॉलोनी बगला रोड से गुरुद्वारा रोड, आदर्श कॉम्प्लेक्स, सैनिक विहार कॉलोनी, बेनाम कॉलोनी सातरोड से रायपुर रोड, बेनाम कॉलोनी हिसार डिस्ट्रीब्यूटरी के पास, बेनाम कॉलोनी जिंदल मॉडर्न स्कूल रोड, यूनिवर्सिटी विहार ईबीएस रोड हिसार, बेनाम कॉलोनी महाबीर कॉलोनी के पास, शिव कॉलोनी कैमरी से तोशाम रोड पार्ट एक, रामनगर एक्सटेंशन व सरस्वती विहार कॉलोनी।

जिले में शहरी सीमा से बाहर बसीं अवैध कॉलोनियों को 3 साल से वैध होने का इंतजार

उधर जिले में शहरी सीमा से बाहर बसीं अवैध कॉलोनियां सर्वे के 3 साल बाद भी वैध नहीं हो सकी हैं। प्रदेश सरकार ने 19 जुलाई 2022 को जारी की गई पॉलिसी के अनुसार निकाय की सीमा से बाहर एक जुलाई 2022 से पहले बसीं अवैध कॉलोनियों को वैध करने का फैसला लिया था। इस दौरान जिला नगर योजनाकार विभाग ने सर्वे के बाद 168 कॉलोनियों (क्लस्टर) के नक्शे मुख्यालय भेजे थे। मगर सरकार के मापदंडों पर खरा न उतरने के कारण इनमें से काफी कॉलोनियों के आवेदनों को रद्द कर दिया गया था, जिसके बाद 110 कॉलोनियां ही बची थीं। लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लगने से पहले 22 कॉलोनियों को वैध करने के लिए सरकार के पास भेजा गया था। इनमें हांसी, उकलाना व बरवाला ब्लॉक की कॉलोनियां शामिल थीं। मगर सरकार ने इन कॉलोनियों को वापस जिला मुख्यालय भिजवा दिया। सरकार का कहना था कि जिला स्तरीय जांच कमेटी (डीएलएससी) की दोबारा जांच के बाद ही इन्हें भेजा जाए। वहीं एसडीएम को 21 कॉलोनियां की दोबारा जांच करनी थी। मगर आज तक यह जांच पूरी नहीं हो सकी है, जिस कारण से इन कॉलोनियों को निदेशालय नहीं भेजा जा सका है। इसमें 20 कॉलोनियां हिसार ब्लॉक व एक कॉलोनी अग्रोहा ब्लॉक की है।


अगले साल के पहले माह में होगी डीएलएससी की बैठक
अवैध कॉलोनियों को मुख्यालय भेजने से पहले इनकी दोबारा से जांच करने के लिए जिला प्रशासन की तरफ से एक जिला स्तरीय जांच कमेटी का गठन किया हुआ है। इस कमेटी में एसडीएम, डीटीपी, जनस्वास्थ्य विभाग व बीएंडआर के अधिकारी शामिल हैं। यह कमेटी यह जांच करेगी कि उक्त कॉलोनियां सभी मापदंडों को पूरा करती है या नहीं। इस कमेटी की अंतिम मुहर लगने वाली कॉलोनियों को ही उपायुक्त के माध्यम से सरकार के पास भेजा जाएगा। अगले माह में इस कमेटी की बैठक होगी। इस बैठक में 22 कॉलोनियों की रिपोर्ट सरकार के पास भिजवाने और 21 कॉलोनियों की एसडीएम द्वारा जांच करने के बारे में चर्चा की जाएगी
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें