रेलवे स्टेशन पर एस्केटर खराब होने के कारण सीढ़ी की तरह चढ़ते यात्री।
हिसार। रेलवे स्टेशन के ओवरब्रिज पर लगी लिफ्ट लंबे समय से बंद पड़ी है। वहीं एकमात्र एस्केलेटर भी दिन में कई बार रुक जाता है। ऐसे में प्लेटफार्म बदलने वाले यात्रियों, खासकर दिव्यांगों, बुजुर्गों और भारी सामान लेकर आने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रेलवे हर साल यात्री सुविधाओं के सुधार पर लाखों रुपये खर्च करता है लेकिन वर्तमान स्थिति इसके विपरीत दिख रही है। दिव्यांग यात्रियों को आसान पहुंच देने के लिए जहां ओवरब्रिज पर सुगम सुविधाएं होनी चाहिए थीं, वहां केवल प्लेटफार्म नंबर-1 पर ही एस्केलेटर लगा है और वह भी बार-बार बंद हो जाता है।
उधर, प्लेटफार्म नंबर 3-4 के बीच लगी लिफ्ट भी खराब है। ऐसे में यदि एस्केलेटर चल भी रहा हो तो ओवरब्रिज पर पहुंचने के बाद यात्रियों को दूसरे प्लेटफार्म तक उतरने या ट्रेन तक पहुंचने के लिए न एस्केलेटर, न लिफ्ट और न ही रैंप की कोई सुविधा उपलब्ध है।
इस वजह से दिव्यांगों और बुजुर्गों के साथ-साथ अधिक सामान लेकर आने वाले मरीजों को भी काफी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। स्थानीय दैनिक रेलयात्रियों का कहना है कि रेलवे भवनों के सुधारीकरण के साथ-साथ यात्री सुविधाओं को भी प्राथमिकता दे, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके।
लिफ्ट खराब है। इसे सुधारने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। एस्केलेटर चालू है लेकिन कई बार यात्री चलते समय जाने-अनजाने इसके ऑन-ऑफ बटन को दबा देते हैं। इस कारण इसे हर बार चालू करना पड़ता है।
- संजय, सेवा सुविधा प्रबंधक, रेलवे स्टेशन, हिसार।