हांसी। गांव चानौत में भाखड़ा नहर से पेयजल पाइपलाइन से कनेक्शन देने की मांग को लेकर महासंग्राम छिड़ गया है। ग्रामीण और प्रशासन के बीच कई दौर के वार्ता के बाद भी समस्या का समाधान नहीं निकल सका। बुधवार को दोबारा चानौत से बरवाला रोड पर करीब एक किलोमीटर आगे जाकर पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू होते ही प्रदर्शनकारी तिलमिला गए। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पाइपलाइन दोबारा बिछाने की कोशिश की गई तो जेसीबी हमारे शरीर के ऊपर से गुजारनी पड़ेगी।
चानौत में बुधवार को भाखड़ा नहर से ही पेयजल कनेक्शन देने की मांग पर अड़े ग्रामीणों और प्रशासन के बीच ठन गई। पुलिस प्रशासन जेसीबी व क्रेन लेकर पाइप लाइन बिछाने के लिए पहुंच गई। इसकी भनक लगते ही भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन की अगुवाई में चानौत से बरवाला रोड पर करीब एक किलोमीटर आगे जाकर पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू किया गया। दोपहर करीब एक बजे काम शुरू हुआ। इस बीच किसान नेता सुरेश कौथ, विकास सीसर, दशरथ मलिक सहित कई ग्रामीण वहां आते ही नीचे बैठ गए। डीएसपी रविंद्र सांगवान व एसएचओ सदर थाना सदानंद वत्स ने ग्रामीणों से बातचीत की। ग्रामीणों ने पाइपलाइन बिछाने पर एतराज जताया। ग्रामीणों के एतराज पर डीएसपी ने फोर्स को वापस जाने के निर्देश दिए जिसके बाद काम रोक दिया गया।
इस दौरान कुछ ग्रामीण उग्र हुए तो डीएसपी ने कहा कि बैठकर बातचीत की जाएगी। कुछ ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष हाथ भी जोड़े। ग्रामीणों ने कहा कि सरकार ने पहले उनके साथ टी लगाकर व फिर उसे उखाड़ कर धोखा किया है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अब पाइपलाइन बिछाई गई तो जेसीबी उनके ऊपर चलानी होगी। इस पर डीएसपी ने कहा कि वह फोर्स को हटा रहे हैं, आप लोग भी पीछे हटें।पुलिस फोर्स को वहां से हटाया, पुलिस के जवान बसों में बैठ कर वहां से निकल गए। एक घंटे के बाद दोपहर में ग्रामीण भी वहां से हट गए।
सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
चानौत में पानी के विवाद को लेकर शहर व चानौत के आस पास के गांव अब पुलिस छावनी बने लगे हैं। शहर व चानौत के आसपास के गांव भाटला व घिराय में पुलिस फोर्स लगातार बढ़ाई जा रही है। अन्य जिलों से पुलिस बल मांगा गया है। रोहतक के सुनारिया से दुर्गा बटालियन भी आई है। जिला सचिवालय के बाहर वॉटर कैनन तैनात की गई है। दो छोटी वॉटर कैनन जिला सचिवालय के अंदर तैनात है। इधर जिला सचिवालय में भी दिनभर बैठकों का दौर रहा। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी मामले में लगातार बैठक करते रहे। पुलिस जिला के सभी डीएसपी व सीआईए इंचार्ज बैठकों में उपस्थित रहे। व
दूसरी बार रुकवाया काम
16 मई को ग्रामीणों ने पानी की मांग को लेकर धरना शुरू किया था। इस दौरान भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन बिछाने का काम रुकवाया गया था। अब 40 दिन बाद पाइपलाइन बिछाने का काम गांव से आगे की तरफ शुरु किया गया तो इसे भी रुकवाया गया।
आज सीएम से मुलाकात के साथ ही मामला शांत होने की उम्मीद
धरना कमेटी के सदस्य अनूप सिंह चानौत ने बताया कि मुख्यमंत्री ने धरना कमेटी को चंडीगढ़ आवास पर सुबह बुलाया है। धरना कमेटी के 35 सदस्य चंडीगढ़ जाएंगे। वहां पर भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन में टी-कनेक्शन लगाने की मांग व धरने के दौरान दर्ज हुए मुकदमे रद्द करने की मांग करेंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए डीसी राहुल नरवाल ने बुधवार शाम करीब सात बजे पूर्व सरपंच सत्यवान व विशाखा चौधरी को फोन पर यह सूचना दी। धरना कमेटी के सदस्य सुबह ही यहां से रवाना होंगे।
मैंने न टी लगवाई व न ही हटवाई
हमने उन्हें समझाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। मैं धरने पर भी गया था, यहां भी हमने मंत्रियों के साथ धरना कमेटी के साथ बैठक की। एक जिद है कि भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन से कनेक्शन लेना है, जो कि गैरकानूनी है। अमृत टू शहर के लिए योजना है। चानौत के लिए अलग से पाइपलाइन बिछाई जा रही है। मैं विधायक हुं तो मुझ पर ही आरोप लगेंगे। न तो मैंने टी लगवाई व न ही टी हटवाई।- विनोद भयाना, विधायक।