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Hisar News: फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र मामले की जांच फिर फाइलों से निकली

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हिसार। नगर निगम ने फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र मामले की जांच के लिए पुलिस प्रशासन को पत्र लिखा है। निगम ने पुलिस से इस मामले में संलिप्त लोगों का पता लगाने को कहा है ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। वहीं निगम ने अस्पताल से पिछले एक साल में अपलोड की गई रिपोर्ट की जांच करने का भी फैसला किया है, जिससे यह पता चल सके कि क्या इससे पहले भी अस्पताल के लॉग इन से विभाग के पोर्टल पर फर्जी रिपोर्ट अपलोड की गई है।
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बता दें कि बरवाला निवासी दया प्रसाद की कैमरी रोड पर एक निजी अस्पताल में बीमारी से मौत बताकर उसकी रिपोर्ट जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के सीआरएस पोर्टल पर अपलोड कर दी। इसके साथ दया प्रसाद का मृत्यु प्रमाणपत्र बनाकर जारी कर दिया गया। निगम अधिकारियों के मुताबिक उक्त व्यक्ति ने लाखों रुपये का बीमा करवा रखा है। इसके लिए एक बीमा कंपनी के कर्मचारी उक्त अस्पताल में वेरिफिकेशन करने पहुंचे। यहां पहुंचने पर उन्हें पता चला कि जो रिपोर्ट अस्पताल की तरफ से अपलोड की गई, उस पर किए हस्ताक्षर फर्जी हैं। वहीं अस्पताल प्रशासन ने इस बारे में नगर निगम को मौखिक रूप से अवगत करवाया, जिससे निगम अधिकारियों के संज्ञान में यह मामला आया।
अस्पताल प्रशासन की तरफ से नहीं दी गई पुलिस में शिकायत
उधर मामला संज्ञान में आने के बाद निगम प्रशासन ने कुछ दिनों तक इंतजार किया कि शायद अस्पताल प्रशासन मामले की शिकायत पुलिस को देगा, लेकिन अस्पताल ने ऐसी कोई शिकायत नहीं दी। इस पर निगम की तरफ से ही पुलिस को शिकायत दी गई।
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निगम की तरफ से पुलिस को लिखा गया है कि इस मामले की जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए। वहीं इस अस्पताल के लाॅग इन से अपलोड की गईं पिछले एक साल की रिपोर्ट की जांच की जाएगी। - डॉ. प्रदीप हुड्डा, अतिरिक्त निगमायुक्त
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नगर निगम कर्मी पर बिना अनुमति कंप्यूटर से छेड़छाड़ का आरोप

हिसार। नगर निगम कर्मचारी प्रशांत पर बिना अनुमति कंप्यूटर से छेड़छाड़ करने का आरोप लगा है। इसी शिकायत निगमायुक्त नीरज से की गई है। उधर, निगम अधिकारियों ने मौके की सीसीटीवी फुटेज मांगी है, ताकि इस आरोप की पुष्टि हो सके।



निगमायुक्त नीरज को दी शिकायत में शिकायतकर्ता तिलकराज ने बताया कि कर्मचारी प्रशांत 7 अप्रैल को लंच ब्रेक के समय नागरिक सुविधा केंद्र में सरकारी कंप्यूटर खोलकर कुछ कार्य कर रहा था। यह देखकर मैंने उप निगमायुक्त विरेंद्र सहारण को इस बारे में तुरंत अवगत करवाया। उप निगमायुक्त ने कर्मचारी को अपने कार्यालय में बुलाकर कारण पूछा तो वह कुछ जवाब नहीं दे सका। वहीं उप निगमायुक्त ने नागरिक सुविधा केंद्र में तैनात कर्मचारी को बुलाकर इस बारे में पूछा तो उसने बताया कि वह लंच करने गया था। तिलकराज के मुताबिक वर्तमान में नगर निगम में प्रॉपर्टी आईडी से छेड़छाड़ करने भ्रष्टाचार करने के काफी मामले सामने आए हैं। इस मामले की भी जांच करवाई जाए कि कहीं कोई साजिश तो नहीं रची जा रही है। ब्यूरो
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