गुजवि में शुक्रवार को हुई एंटी रैगिंग कमेटी की सालाना बैठक में हॉस्टलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का मुद्दा छाया रहा। जहां गुजवि प्रशासन एंटी रैगिंग पर को रोकने में काफी हद तक कामयाब रहा है।
वहीं हॉस्टलों में लगातार हो रहे हंगामों को कंट्रोल करने के लिए एंटी रैगिंग कमेटी में भी हॉस्टलों की सुरक्षा पर मंथन किया गया।
अमर उजाला ने हॉस्टलों में सीसीटीवी को कमी से हल नहीं हो रही वारदात और बजट का बन रहा बहाना शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसी के परिणाम स्वरूप जीजेयू की शुक्रवार को हुई एंटी रैगिंग कमेटी में भी हॉस्टलों में कैमरे लगाने को लेकर कुलपति ने दिशा निर्देश दे डाले।
जीजेयू में शुक्रवार को एंटी रैगिंग कमेटी की सालाना कमेटी हॉल में हुई। बैठक कुलपति डॉ. आरएस शर्मा की उपस्थिति में हुई। बैठक की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. आरएस जागलान ने की। संचालन विश्वविद्यालय के प्रोक्टर प्रो. कर्मपाल नरवाल ने किया।
कुलपति डॉ. आरएस शर्मा ने कहा कि हर्ष की बात है कि पिछले दो तीन सालों से रैगिंग विश्वविद्यालय में कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। इसके बाद भी इस मुद्दे को लेकर कोई लापरवाही नहीं बरती जा सकती है। कुलपति ने कहा कि इस मुद्दे पर एेंटी रैगिंग कमेटी के सदस्यों के अलावा आम विद्यार्थी, अध्यापक और कर्मचारी भी एक बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। कुलपति ने निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय के सभी हॉस्टलों में सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं।
प्रो. कर्मपाल नरवाल ने बताया कि विश्वविद्यालय ने रैगिंग से संबंधित जस्टिस राघवन कमेटी की सभी सिफारिशों को लागू किया हुआ है। वहीं जिला प्रशासन की ओर से बैठक में आए डीडीपीओ राजेश कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से जीजेयू प्रशासन को पूर्ण सहयोग मिलेगा।
इसके अलावा रैगिंग और ईव टीचिंग के मामलों को रोकने के लिए विवि का सुरक्षा तंत्र और जिला पुलिस प्रशासन को ओर अधिक संवेदनशील होने की आवश्यकता है। इस अवसर पर प्रो. एमएस तुरान, प्रो. धर्मेंद्र कुमार, प्रो. कुलदीप बंसल, प्रो. सोनिका, प्रो. विनोद कुमार बिश्नोई, प्रो संदीप राणा, हरनाम सिंह, एसवीसी एसएल सैनी, एसएचओ सिटी पुलिस स्टेशन एवं छात्र उपस्थित रहे।