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छात्राओं ने किया हाईवे जाम

Thu, 04 Sep 2014 12:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
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मैडम जी, यह बताइये कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय हमें जीरो किस आधार पर दे सकता है। इतने पढ़ने-लिखने में हम भी कमजोर नहीं हैं। केयूके यूनिवर्सिटी ने तो हर बार का ड्रामा बना लिया है। छात्राओं को इस तरह फेल करने का। यह कहना नेशनल हाईवे पर धरने पर बैठी छात्राओं का था।
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दिल्ली रोड स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय की विभिन्न विषयों की छात्राओं ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के परीक्षा परिणाम से नाराज होकर करीब ढाई घंटे तक नेशनल हाईवे जाम रखा।



छात्राओं के जाम का कारण बीए, बीकॉम और बीएससी के विभिन्न सेमेस्टरों के एक-दो विषयों में जीरो नंबर आने को लेकर था। उनकी मांग यूनिवर्सिटी द्वारा री-चेकिंग करवाने की रही। रोड जाम के दौरान छात्राओं ने यूनिवर्सिटी प्रशासन और शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की।
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जाम की सूचना मिलते ही सिटी थाना प्रभारी भारतेंद्र अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और छात्राओं से लिखित में उनकी बात देने को कहा, जिसके बाद उन्होंने कॉलेज प्रशासन की मदद से कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के उच्च अधिकारियों तक मामला पहुंचाया। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा 15 दिनों में समस्या हल होने का आश्वासन देने के बाद ही छात्राओं ने जाम खोला।



बुधवार सुबह राजकीय महिला कॉलेज की छात्राओं को जब परीक्षा परिणाम के बारे में पता चला तो उन्होंने सबसे पहले कॉलेज प्रशासन से इस मामले में बातचीत की। उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो छात्राओं ने कॉलेज के मुख्य गेट के बाहर आकर दिल्ली नेशनल हाईवे जाम कर दिया।



जाम की सूचना मिलते ही मौके पर महिला पुलिस, शहर और सदर थाना पुलिस प्रभारी पहुंचे और छात्राओं को समझाने की कोशिश की, मगर छात्राएं अपनी मांगों को मनवाने पर अड़ी रहीं। प्रदर्शन कर रही छात्राओं का कहना था कि अभी कुछ दिन ही हुए कि बीए, बीकॉम और बीएससी के विभिन्न सेमेस्टरों के रिजल्ट आए हैं। इनमें 30 से 40 प्रतिशत छात्राओं को किसी न किसी विषय में जीरो अंक जरूर दिए गए हैं।



कई छात्राएं ऐसी हैं, जो कॉलेज में मेरिट में आने वाली हैं। हर बार गलती होने पर केयूके प्रशासन तकनीकी खामी होने की बात कह देता है, जिसके चलते छात्राओं को मानसिक परेशानी झेलनी पड़ती है। छात्राओं ने मांग की विश्वविद्यालय सभी छात्राओं के परीक्षा परिणामों की री-चेकिंग करवाएं और छात्राओं की डीएमसी संबंधी समस्याओं को भी हल करे।


यह मिला आश्वासन


सीनियर टीचर वीना शर्मा ने कहा कि कॉलेज प्रशासन ने केयूके प्रशासन से बात की है। वह इसे तकनीकी खराबी बता रहे हैं और जल्द ही दोबारा परीक्षा परिणाम जारी करेंगे। डीएमसी संबंधी समस्याओं को लेकर भी केयूके प्रशासन को लिखित में पत्र भेजा गया है। उन्होंने कहा कि छात्राओं का रोड जाम करना गलत था और कॉलेज प्रशासन से बात करके मामले को हल किया जा सकता था।


इनसो भी पहुंची समर्थन में


महिला कॉलेज की छात्राओं की मांगों के समर्थन में इनसो के जिलाध्यक्ष सिल्क पूनिया भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे। उन्होंने भी छात्राओं के साथ करीब आधे घंटे तक रोड जाम किया, जिसके पश्चात उन्होंने कॉलेज प्रशासन से छात्राओं की मांगों को हल करने संबंधी बातचीत की।


कुछ इस प्रकार रहा घटनाक्रम


. वाहनों की लगी लंबी कतारें।
. स्कूल बच्चों को जाना पड़ा पैदल।
. छात्राओं ने दोपहिया वाहनों को कच्चे रास्ते से भी नहीं जाने दिया।
. कॉलेज के मुख्य गेट से 200 मीटर तक छात्राओं ने रोड किया जाम।
- सिटी बस भी फंसी रोड जाम में

यह थीं छात्राओं की मुख्य मांगें


. हर सेमेस्टर में केयूके जारी करता है रिजल्ट में गड़बड़ी, इस समस्या को किया जाए हल
. कॉलेज प्रशासन एनसीसी विंग को दिए पांच कमरे खाली करवाए, ताकि छात्राओं को खुले में न बैठना पडे़।
. कॉलेज में नियमित प्रिंसिपल नियुक्त किया जाए। प्रिंसिपल के बार-बार तबादले नहीं किए जाए।


कॉलेज प्रशासन भी है केयूके के काम करने के तरीके से परेशान

कॉलेज के सीनियर शिक्षकों ने बताया कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के एग्जाम ब्रांच के काम करने के तरीके से बहुत परेशान हो गए हैं। छात्राओं की मार्कशीट पर फोटो किसी की तो नाम किसी का, नाम किसी का तो फोटो किसी की होती है। इसके अलावा असेस्मेंट में सभी छात्राओं के अंक भेजे जाते हैं, उनमें भी गड़बड़ी विवि कर देता है।



यदि कोई लेटर भेजा जाए तो उस पर सुनवाई को काफी समय लगा देते हैं। छात्राओं के हर सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी मिलती है। केयूके प्रशासन की इस तरह की हरकतों से कॉलेज प्रशासन बुरी तरह से परेशान है।
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