बरवाला के विधायक रामनिवास घोड़ेला की गाड़ी में टैंक क्षमता से अधिक तेल डालने की बात पर बस स्टैंड के नजदीक जिंदल पार्क के सामने स्थित एक पेट्रोल पंप पर विवाद हो गया।
घटना के समय गाड़ी में विधायक तो नहीं थे। विधायक की गाड़ी का चालक धर्मबीर तेल डलवाने के लिए पंप पर आया था। तेल डलवाने के बाद जब कारिंदे ने 78.73 लीटर तेल का बिल चालक के हाथ में थमाया तो चालक ने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता।
आपकी मशीनें खराब हैं। इस बात पर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। मामले की सूचना चालक ने विधायक को दे दी। विधायक की तरफ से जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग कंट्रोल रूम को सूचना भेजी गई। सूचना मिलते ही डीएफएससी अपनी टीम को लेकर सैंपल लेने के लिए मौके पर पहुंच गए। मौके पर डीएफएससी दीवानचंद शर्मा ने सैंपल भरे और मशीन से पांच लीटर के माप भरवाकर देखे गए।
चालक धर्मबीर ने बताया कि वह विधायक की सरकारी गाड़ी लेकर कोठी से तेल डलवाने के लिए पंप पर आया था। उसने टैंक फुल करने के लिए कारिंदे को बोल दिया। कारिंदे ने उसे टैंक फुल करने के बाद 78.73 लीटर की पर्ची थमा दी। यह देख उसने कहा कि गाड़ी के तेल टैंक की क्षमता ही 70 लीटर की है, जबकि इसमें पांच से छह लीटर तेल पहले भी था। इसके बाद क्षमता से अधिक तेल कैसे डल गया।
इस पर चालक ने पंप कर्मी से कहा कि आप घपला कर रहे हैं। उन्होंने मामले की सूचना विधायक की कोठी पर दे दी। सूचना मिलते ही कोठी से कई लोग और उनके समर्थक मौके पर पहुंच गए। उन्होंने डीएफएससी को इसकी सूचना दी। मौके से तुरंत डीएफएससी की टीम ने सैंपल भरवा लिए और माप में तेल डलवाकर जांच की।
मशीन तो ठीक लग रही है, सैंपल भर लिए : डीएफएससी
मौके पर पहुंचे डीएफएससी दीवानचंद शर्मा से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि कंप्यूटराइज मशीन तेल तो ठीक निकाल रही है। तीन-चार बार माप को भरकर देखा गया है। हां गाड़ी से और पंप के टैंक से तेल के सैंपल ले लिए गए हैं, जांच की जाएगी।
आ सकता है क्षमता से अधिक तेल : पंप मालिक
पंप मालिक सुभाष से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि पंप कर्मी ने जितना तेल डाला, उसी की ही रसीद दी थी। उन्होंने कहा कि तसल्ली के लिए हम गाड़ी का तेल निकलवाकर माप करवा सकते हैं। वे किसी भी जांच से गुजरने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि पांच लीटर के ड्रम में भी साढ़े पांच से पौने छह लीटर लिक्विड डाला जा सकता है। यह एक सामान्य बात है।