हांसी अपने बच्चे को धुप से बचाकर ले जाती हुई महिला। संवाद
हांसी। तीखी धूप और उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया है। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में थकान, सिर दर्द और चक्कर आने की शिकायत लेकर पहुंच रहे रोगियों की संख्या बढ़ गई है। मौसमी विषमता का सबसे घातक रूप डिहाइड्रेशन ( शरीर में पानी की कमी) के रूप में सामने आ रहा है। लोग कंठ सूखना, बार-बार प्यास लगना और पेशाब में रुकावट जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
भीषण गर्मी के कारण लोगों में थकावट, अत्यधिक पसीना, ठंडी व नम त्वचा, मतली, उल्टी और कमजोरी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। इसके अलावा घमौरियां और त्वचा पर चकत्ते के मामलों में भी इजाफा हुआ है। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन ऐसे 15 से 20 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
शनिवार को भीषण गर्मी और उमस के कारण बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम रही। लगातार उमस से बेहाल लोग राहत पाने के लिए ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लेते दिखे। लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों के मुकाबले आज सबसे ज्यादा गर्मी महसूस हो रही है। मौसम विभाग ने हालांकि गर्मी से राहत की उम्मीद जताई है। आने वाले कुछ दिनों में हरियाणा के कई हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना है। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
इन बातों का रखें ध्यान :
नागरिक अस्पताल के एमओ डॉ. विशेष न्योलिया ने बताया कि इन दिनों में कमजोरी, थकान, चक्कर आना और सिरदर्द जैसे लक्षण आम हो गए हैं। डिहाइड्रेशन के मामले भी सामने आ रहे हैं जिसमें अत्यधिक प्यास और मुंह सूखना शामिल है। गर्मी से थकावट, पसीना और उल्टी जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं। बार-बार पानी पिएं। चाय से परहेज करें। नींबू पानी पिएं। दिन में बाहर निकलने से बचें। भरपूर फल खाएं। चेहरे पर सनस्क्रीन लोशन लगाएं।