नारनौंद। हिसार-जींद हाईवे लिंक रूट-4 (वाया मसूदपुर–लोहारी–राखीगढ़ी) के लिए छह गांवों के सैकड़ों किसानों ने शनिवार को लोहारी राघो अनाज मंडी में जुटकर अपनी आवाज बुलंद की। किसानों ने कहा कि यदि भूमि अधिग्रहण जल्द शुरू नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन धरना देकर सड़क जाम किया जाएगा।
बैठक में राखीगढ़ी, डाटा, मसूदपुर, गामड़ा, मिलकपुर समेत कई गांवों से किसान शामिल हुए। शुरुआत में प्रस्तावित धरने को पीडब्ल्यूडी बीएंडआर विभाग के अधिकारियों से मिले आश्वासन के बाद बैठक में तब्दील कर दिया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए सर्वजन समाज पार्टी के अध्यक्ष नंद किशोर चावला ने कहा कि सात मई 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री की घोषणा को लागू नहीं किया गया। छह गांवों की महज 59 एकड़ जमीन का अधिग्रहण पिछले नौ साल में भी पूरा नहीं हो पाया, जबकि किसान सहमति दे चुके हैं। इसका डाटा पोर्टल पर अपलोड हो चुका है। अब सिर्फ मुआवजा देना बाकी है।
चावला ने कहा कि यदि सरकार और विभाग ने इस बार भी टालमटोल की तो किसान आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। बैठक में वक्ताओं ने मुख्यमंत्री की घोषणा को लागू होने से रोक रहे पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के अधिकारियों पर भी सवाल उठाए।
डिंपल मेहता सुलखनी ने सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगा जनलोकपाल बिल लागू करने की मांग की। डाटा–लोहारी सड़क के पुनर्निर्माण और लोहारी राघो में विकास कार्यों में जातिगत भेदभाव के आरोप भी लगाए गए।
इस मौके पर मिलकपुर के पूर्व सरपंच सूरभान, मास्टर दलबीर (राखीगढ़ी), सुल्तान (गामड़ा), दीपक (लोहारी), अजमेर (मिलकपुर), पदमा (हिसार), रोहित (जींद), सुभाष चंद्र, कोच साधु सरोहा आदि किसान मौजूद रहे।
भूमि अधिग्रहण में नौ साल की देरी पर आक्रोश
हिसार-जींद लिंक हाईवे रूट-4 की घोषणा सात मई 2016 को की गई थी। पीडब्ल्यूडी बीएंडआर विभाग सर्वे और किसानों का डाटा पोर्टल पर अपलोड कर चुका है। 21 जनवरी 2019 को 100 करोड़ रुपये का बजट मंजूर हुआ जिसमें 33.68 करोड़ पहली किश्त और 66 करोड़ रुपये दूसरी किस्त सितंबर 2021 में जारी हुई। इसके बावजूद कई गांवों में भूमि अधिग्रहण अधूरा है। 23 दिसंबर 2021 को जिला सचिवालय हिसार में हुई सड़क समिति की बैठक में तत्कालीन उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने भी निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए थे। वर्ष 2022 की विकास परियोजनाओं की सूची में भी इस मार्ग का उल्लेख किया गया लेकिन जमीनी स्तर पर काम शुरू नहीं हो सका।
अब इन गांवों में होना है अधिग्रहण
गांव मसूदपुर, डाटा, लोहारी राघो, राखी शाहपुर और गामड़ा समेत कुछ गांवों में अब भी भूमि अधिग्रहण का कार्य शेष है। किसानों का कहना है कि इस मार्ग के बनने से हिसार से जींद की दूरी करीब 20 किलोमीटर कम हो जाएगी और हड़प्पाकालीन ऐतिहासिक स्थल राखीगढ़ी को भी सीधा लाभ मिलेगा। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि अब भी सरकार ने कदम नहीं उठाया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।