हांसी। नागरिक अस्पताल में एक फोटोग्राफर के शव के पोस्टमार्टम के लिए परिजनों को 17 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। शव के पोस्टमार्टम के लिए सुबह ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने इंकार किया तो दोपहर को ड्यूटी पर आए दूसरे चिकित्सक ने शव का पोस्टमार्टम किया। इस दौरान तक मृतकों के परिजन परेशान होते रहे।
सोरखी में अज्ञात वाहन की चपेट में आने से बुधवार रात को सोरखी निवासी 36 वर्षीय अरुण की मौत हो गई थी। हादसा तब हुआ जब अरुण काम से घर लौट रहा था। पेशे से अरुण फोटोग्राफर था। उसके शव को रात को ही पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल में लाया गया। रात के समय पोस्टमार्टम नहीं किया गया। वीरवार सुबह पोस्टमार्टम के समय ड्यूटी पर आई चिकित्सक ने पोस्टमार्टम करने से इंकार कर दिया। जिसके बाद फोटोग्राफर एसोसिएशन ने विधायक से संपर्क किया। विधायक ने मामले में एसएमओ से बात की और पोस्टमार्टम करवाने के लिए कहा। बताया जा रहा है कि चिकित्सक ने एसएमओ के सामने ही पोस्टमार्टम करने से इंकार कर दिया। जिसके बाद दोपहर को ड्यूटी पर आए डॉ. सुरेंद्र ने शव का पोस्टमार्टम किया। परिजनों को पोस्टमार्टम के लिए 17 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। जानकारी के अनुसार एसएमओ ने पोस्टमार्टम के लिए मना करने वाली चिकित्सक पर कार्रवाई के लिए सीएमओ को भी पत्र लिखा है। मृतक विवाहित है दो वर्ष का बच्चा है। पत्नी गर्भवती है।
इस मामले में नागरिक अस्पताल के एसएमओ डॉ. राहुल का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम करवा दिया गया। नागरिक अस्पताल के शव गृह में शवों के लिए पांच फ्रीजर हैं, लेकिन इसमें से चार खराब हैं। मात्र एक फ्रीजर चालू है, जिसके कारण मृतकों के परिजनों को अपने स्तर पर व्यवस्था करनी पड़ती है। बता दें कि यहां पर हांसी के साथ साथ नारनौंद, बास, बवानी खेड़ा क्षेत्र के शव पोस्टमार्टम के लिए आते हैं। नारनौंद का नागरिक अस्पताल हांसी से बड़ा है और वहां पर चिकित्सकों की संख्या भी ज्यादा है। लेकिन वहां पर पोस्टमार्टम की सुविधा नहीं है।
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पोस्टमार्टम के लिए अरुण का परिवार परेशान रहा। वीरवार रात को दस बजे उसका शव अस्पताल में आया। तब शव गृह में फ्रीजर नहीं था। इस पर परिजनों ने फ्रीजर की व्यवस्था की। सुबह दस बजे तक पोस्टमार्टम नहीं हुआ। एसएमओ से बात की तो उसने कहा कि जिस चिकित्सक की ड्यूटी है उसने लिख कर दिया है कि वह पोस्टमार्टम नहीं करेंगे। जिसके बाद हमने विधायक से बात की। तब जाकर दूसरे चिकित्सक को बुलाकर पोस्टमार्टम करवाया। तीन बजे तक शव का पोस्टमार्टम हुआ। उसके बाद शव का दाह संस्कार करवाया। परिजन काफी परेशान हुए।
- मनोज कुमार, प्रधान, फोटोग्राफर एसोसिएशन