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Hisar News: जिले का लिंगानुपात 922 से बढ़कर 932 पर पहुंचा

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हिसार। जिले का लिंगानुपात 922 से बढ़कर 932 हो गया है। मंगलवार को पीसीपीएनडीटी और एमटीपी एक्ट की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में सिविल सर्जन ने यह जानकारी दी। उपायुक्त अनीश यादव की अध्यक्षता में यह बैठक आयोजित की ग जिसमें कन्या भ्रूण हत्या रोकथाम और लिंगानुपात में सुधार के लिए किए गए प्रभावी कदमों की समीक्षा की गई। बैठक में सिविल सर्जन डॉ सपना गहलावत ने बताया कि जिले में हाल ही के लिंगानुपात में वृद्धि दर्ज की गई है और यह 922 से बढ़कर 932 हो गया है। जुलाई में खेड़ी चौपटा, आदमपुर, हिसार शहर व खांडा खेड़ी में पीसी-पीएनडीटी के उल्ल्घंन मामलों में 4 एफआईआर दर्ज की गई है। अभी भी जिले के 4 खंड ऐसे हैं, जिनका लिंगानुपात 900 से नीचे है, इन सभी खंडों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उपायुक्त अनीश यादव ने निर्देश दिए कि कम लिंगानुपात वाले गांवों में गर्भवती महिलाओं का शत प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित किया जाएं। संदिग्ध आचरण तथा कम लिंगानुपात वाले गांवों से संबंधित आशा एवं आंगनवाड़ी वर्करों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। उपायुक्त को अवगत करवाया गया कि जुलाई में पीएनडीटी टीमों द्वारा 6 क्लीनिकों का दौरा किया गया। एएनसी पंजीकरण 10 सप्ताह के भीतर सुनिश्चित किया जा रहा हैं।
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दो माह में नशे से ग्रस्त 8500 से ज्यादा लोगों को उपचार के लिए किया पृंजीकृत
हिसार। नागरिक अस्पताल ने पिछले 2 माह में 8500 से ज्यादा लोगों को उपचार के लिए पंजीकृत किया गया है। इन लोगों का लगातार फालोअप किया जा रहा है। लगभग 55 प्रतिशत लोगों ने उपचार से संतुष्टि जाहिर की है। इनके अतिरिक्त अभी तक 20 प्रतिशत लोग नशा छोड़ चुके हैं। 20 प्रतिशत लोगों की प्रतिक्रियाएं अभी प्राप्त नहीं हुई हैं। उपायुक्त अनीश यादव की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय नारकोटिक्स समन्वय समिति (एनकोर्ड) की बैठक में नशे के खिलाफ चल रही गतिविधियों की गहन समीक्षा के दौरान उक्त जानकारी दी गई। उपायुक्त अनीश यादव ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में नशा पीड़ित व्यक्तियों का नियमित और प्रभावी फॉलोअप सुनिश्चित करना होगा। जो लोग नशा छोड़ने के लिए आगे आएं हैं, उन्हें निरंतर कॉल कर या अन्य माध्यम से प्रेरित करते रहें। उपमंडलाधीश व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी नशा मुक्ति केंद्रों का समय-समय पर औचक निरीक्षण करते रहें। इसके अतिरिक्त नशा पीड़ित व्यक्तियों से संवाद स्थापित कर नशे के मूल स्रोतों की पहचान की जाए। पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन ने इस प्रक्रिया के दौरान चिह्नित ड्रग पैडलर के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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