हिसार। जिला बाल संरक्षण इकाई (डीसीपीयू) की ओर से इन दिनों जिले के सभी 308 गांवों और शहरों में स्पॉन्सरशिप स्कीम के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर, एकल अभिभावक वाले और अनाथ बच्चों को योजना की जानकारी देना और उनका पंजीकरण कराना है। अभी तक 41 बच्चों का रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है।
डीसीपीयू हिसार के प्रोटेक्शन ऑफिसर (नॉन इंस्टीट्यूशनल केयर) विजय ने बताया कि गांवों और शहरों में कैंप लगाकर लोगों को योजना के लाभ के बारे में जागरूक किया जा रहा है। हांसी, सातरोड, कैमरी सहित कई गांवों में अभियान जारी है। उन्होंने बताया कि आवेदन करने वालों के लिए बैंक खाते की केवाईसी अनिवार्य है, अन्यथा रजिस्ट्रेशन नहीं हो सकेगा। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए शहरी क्षेत्र में वार्षिक आय 96,000 रुपये और ग्रामीण क्षेत्र में 72,000 रुपये से कम होना आवश्यक है।
रेड क्रॉस भवन में जमा करें फॉर्म
योजना का लाभ लेने के इच्छुक अभ्यर्थी सोमवार से शुक्रवार तक रेड क्रॉस भवन, कमरा नंबर 16 से 18 (प्रशासनिक भवन) में अपना प्रार्थना पत्र जमा करा सकते हैं।
स्कीम की मुख्य शर्तें
जहां मां विधवा, तलाकशुदा या परिवार से अलग रह रही हो।
परिवार में अधिकतम दो बच्चों को ही योजना का लाभ मिलेगा।
अनाथ बच्चे जो विस्तारित परिवार के साथ रह रहे हों।
माता-पिता गंभीर बीमारी से पीड़ित हों।
माता-पिता आर्थिक या शारीरिक रूप से बच्चों की देखभाल करने में अक्षम हों।
पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के दायरे में आने वाले बच्चे।
स्कीम के लिए आवश्यक दस्तावेज
जिला बाल संरक्षण अधिकारी के नाम प्रार्थना पत्र।
बच्चे की फोटो।
बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र।
बच्चे का आधार कार्ड।
स्कूल प्रमाण पत्र।
फैमिली आईडी।
राशन कार्ड।
प्रमाणित आय प्रमाण पत्र।
बच्चे का अभिभावक के साथ संयुक्त बैंक खाता।
पिता या अभिभावक का मृत्यु प्रमाण पत्र।