फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फिर गड़बड़: केवल पहले विषय संयोजन को आधार मान बदले विद्यार्थियों के कॉलेज

विज्ञापन
विज्ञापन
हिसार। जिले के कॉलेजों में पहली मेरिट सूची जारी होने के बावजूद विद्यार्थियों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। केवल पहली पसंद वाले विषय संयोजन को आधार मानकर उच्चतर शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों को उनकी पसंद का कॉलेज नहीं दिया। जबकि विद्यार्थियों ने अपनी पहली पसंद के कॉलेज में ही दो से तीन विषय संयोजन भरे थे, ताकि उनका दाखिला उनकी पहली पसंद के कॉलेज में ही हो। विभाग की ओर से नई सूची में पहली पसंद के कॉलेज में सीटें भरने पर दूसरी पसंद के कॉलेज की सूची में नाम डाल दिया। इस कारण मंगलवार को बड़ी संख्या में परेशान विद्यार्थी कॉलेज पहुंचे।
विज्ञापन

विद्यार्थियों ने कहा कि 101 प्रतिशत अंक होने के बाद भी उनका दाखिला राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में नहीं हुआ। जांच की तो पाया गया कि विद्यार्थी की पहली पसंद के विषय संयोजन की सीटें 101 प्रतिशत से अधिक अंकों वाले विद्यार्थियों से ही भर गई थी। इसके बाद उसकी विषय संयोजन की दूसरी पसंद को आधार मानने की बजाय विषय संयोजन की पहली पसंद के आधार पर ही दूसरी पसंद के कॉलेज की सूची में नाम डाल दिया गया।
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कई विषय संयोजन में मेरिट बहुत ऊंची रही है। यहां इकोनोमिक्स व ज्योग्राफी, राजनीतिक विज्ञान और इतिहास जैसे विषयों में 100 प्रतिशत से अधिक अंकों वाले विद्यार्थियों के भी दाखिले नहीं हो पाए हैं। यही नहीं, इन विषय संयोजन सहित कई विषय ऐसे हैं, जहां ऑल इंडिया कैटेगरी और हरियाणा ओपन कैटेगरी में ही सभी सीटें भर गईं और अन्य कैटेेगरी के विद्यार्थियों को मौका ही नहीं मिला।
विज्ञापन

यूं समझिए गड़बड़
95.8 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली छात्रा ज्योति के वैटेज सहित 100.8 प्रतिशत अंक बनते थे। उसने पहली पसंद के तौर पर ज्योग्रॉफी व इकोनोमिक्स विषय संयोजन के लिए कॉलेज में आवेदन किया था, लेकिन इस विषय संयोजन की सभी सीटें 103 प्रतिशत से अधिक अंकों वाले विद्यार्थियों से ही भर गई। इसके बाद उसकी विषय संयोजन की दूसरी पसंद को देखा जाना था, लेकिन उसे उसके पहले विषय संयोजन के आधार पर ही एफसी कॉलेज में दाखिला दे दिया गया। एक अन्य छात्रा जिसके वेटेज सहित 101.3 प्रतिशत अंक थे, लेकिन उसका दाखिला भी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में नहीं हुआ।
विद्यार्थी हमारे पास समस्याएं लेकर आ रहे हैं। विषय संयोजन में मेरिट बहुत ऊंची है, इसलिए उनका दाखिला नहीं हो पा रहा है। विद्यार्थियों की मांग थी कि उन्हें इसी कॉलेज में उनकी पसंद के दूसरे विषय संयोजन दिए जाने चाहिए थे। यह उच्चतर शिक्षा विभाग का मामला है। इस विषय में हम कुुछ नहीं कह सकते। - डॉ. यशवंत सिंह सांगवान, एडमिशन नोडल ऑफिसर, राजकीय महाविद्यालय हिसार
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें