नागरिक अस्पताल की कैंटिन, जहां जन औषधि केंद्र खोला जाना प्रस्तावित है।
हांसी। नागरिक अस्पताल में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोले जाने की मांग अधर में लटकी है। केंद्र खोलने के लिए नागरिक अस्पताल प्रशासन की तरफ से मुख्यालय को करीब साढ़े छह महीने पहले पत्र लिखा गया था। लेकिन उसके बावजूद अब तक न ही केंद्र खोला गया व न ही कोई ठोस आश्वासन मिला है। मामला अधर में ही लटका हुआ है और मुख्यालय की मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।
औषधि केंद्र को नागरिक अस्पताल में बंद पड़ी कैंटीन की दुकान में खोला जाना है। अगर यहां औषधि केंद्र खुला तो मरीजों को आम मेडिकल स्टोर की अपेक्षा सस्ती दवाइयां मिलेंगी। इससे उन मरीजों को लाभ होगा, जिनको किसी कारणवश अस्पताल में दवाई खत्म होने पर बाहर से महंगे दाम पर खरीदनी पड़ती थी। इसके अलावा दूसरे अस्पतालों में इलाज करवाने वाले मरीज भी यहां से सस्ते दाम पर दवा खरीद सकेंगे।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक ने जनवरी महीने में यहां निरीक्षण किया था। उन्होंने तब एसएमओ को यह केंद्र खुलवाने के लिए कहा था। इसके बाद अब एसएमओ ने विभाग के पास पत्र लिखकर केंद्र खोलने की मांग तो की। लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अस्पताल के एसएमओ डॉ़ विकास डाबला ने बताया कि केंद्र खोलने के लिए पत्र लिखा हुआ है। मंजूरी मिलते ही आगामी कार्रवाई शुरु होगी।
नागरिक अस्पताल में 200 से 300 तक होती है ओपीडी
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 200 से 300 तक ओपीडी होती है। कई बार नागरिक अस्पताल में दवाइयों की कमी हो जाती है। इसके चलते कई दिन अस्पताल में मरीजों को बिना दवाइयों के लौटना पड़ता है और बाहर से महंगे दाम पर दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर होते हैं। जन औषधि केंद्र खुलन से मरीजों को अस्पताल में ही सस्ते दाम पर दवाइयां उपलब्ध हो सकेंगी।
जन औषधि केंद्र में मिलती हैं 1800 प्रकार की दवाइयां
स्वास्थ्य विभाग के जानकारों के अनुसार प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में करीब 1800 प्रकार की दवाइयां और 285 मेडिकल डिवाइस रखे जाते हैं। सबसे खास बात यह है कि ब्रांडेड दवाइयों की तुलना में जन औषधि केंद्रों पर 50 से 90 प्रतिशत तक कम कीमत पर दवाएं मिल जाती हैं। बाजार में मेडिकल स्टोर पर जो दवाई 100 रुपये की है, वह जन औषधि केंद्र पर 20 से 40 रुपये में उपलब्ध हो सकती है। इसका फायदा सबसे ज्यादा उन मरीजों को होगा, जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इस औषधि केंद्र का संचालन अस्पताल के चीफ फार्मेसी ऑफिसर करेंगे। यहां उपलब्ध जेनेरिक दवाओं की क्वालिटी ब्रांडेड दवाओं की तरह ही होती है।