हांसी। सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर शनिवार को शहर की सड़कों पर राष्ट्रप्रेम का जज्बा दौड़ता नजर आया। देश की एकता और अखंडता के सूत्र में बंधे विद्यार्थी, अधिकारी, कर्मचारी और प्रबुद्धजन रन फॉर यूनिटी में पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए ओर भाईचारे, सामाजिक सद्भाव और अखंड भारत का संदेश दिया। साथ ही लौह पुरुष के आदर्शों को आत्मसात करने और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने का संकल्प लिया।
लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह से शुरू हुई दौड़ सरदार पटेल चौक पर संपन्न हुई। विधायक विनोद भयाना ने दौड़ का नेतृत्व किया। चौक पर पहुंचकर उन्होंने और शहर के अन्य प्रबुद्धजनों ने लौह पुरुष की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद स्थानीय सनातन धर्म महिला महाविद्यालय के सभागार में राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह आयोजित किया गया।
समारोह में विधायक ने नागरिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को देश की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि आज का दिन भारत के इतिहास में गौरवशाली महत्व रखता है। सरदार पटेल ने आजादी के बाद देश की 565 छोटी-बड़ी रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उनकी दूरदर्शिता, दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्र के प्रति समर्पण ने भारत को सशक्त एवं एकजुट राष्ट्र बनाया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार देश और प्रदेश में रन फॉर यूनिटी सहित विभिन्न देशभक्ति एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य विशेषकर युवा पीढ़ी में राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता की भावना मजबूत करना है। गुजरात में स्थापित विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सरदार पटेल के योगदान और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है।
विधायक ने कहा कि अलग-अलग भाषा, वेशभूषा और संस्कृति के बावजूद भारत की असली ताकत विविधता में एकता है। इसे बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
युवाओं से पटेल के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं एसडीएम राजेश खोथ ने कहा कि सरदार पटेल ने अपनी असाधारण नेतृत्व क्षमता और दृढ़ संकल्प से रियासतों का एकीकरण कर देश की राजनीतिक एवं भौगोलिक एकता को मजबूत आधार दिया। युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारियां भी निभानी चाहिए। उन्होंने जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्र के भेदभाव से ऊपर उठकर राष्ट्र की एकता, अखंडता और भाईचारे को मजबूत बनाने का आह्वान किया।