नारनौंद। नारनौंद में एक शातिर चोर ने पुलिस के साथ ही धोखाधड़ी कर दी। कागज नहीं होने पर पुलिस ने पिछले साल जुलाई में एक बाइक को जब्त किया था। बाइक चोरी की है यह बात पुलिस को 14 महीने बाद पता चली, जब चालक बाइक को छुड़वाने नहीं आया तो पुलिस ने नंबर प्लेट के आधार पर मालिक से संपर्क साधा। मालिक ने अपनी कोई भी बाइक जब्त होने से इनकार कर दिया। पुलिस ने अब कोर्ट के आदेशों पर इस मामले में धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस को अब यह भी मालूम नहीं है कि जो युवक बाइक जब्त होने के बाद कागजी कार्रवाई पूरी करके गया था वह भी फर्जी था या असली है। इसकी भी जांच की जा रही है।
ये था मामला
जुलाई 2020 में नारनौंद थाना की टीम वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम ने जींद नंबर की एक बाइक को रुकवाया था। बाइक सवार के पास किसी तरह के कागजात नहीं थे। पुलिस ने बाइक का चालान करके उसे जब्त कर युवक का पता नोट कर लिया था। बाइक सवार ने अपना नाम बुडाना निवासी सचिन बताया था। पुलिस ने बाइक के नंबर प्लेट के आधार पर मालिक का नंबर निकालकर उसको फोन किया। बाइक मालिक को पुलिस ने कहा कि उसकी बाइक नारनौंद थाना में खड़ी है। वह उसकी चालान राशि का भुगतान करके अपनी बाइक को छुड़वा ले। मालिक ने पुलिस को बताया कि उसकी इस नंबर की कोई बाइक जब्त नहीं हुई। पुलिस जिस नंबर का जिक्र कर रही है वह बाइक तो उसके पास उसके घर पर है। इसके बाद पुलिस को समझ आया कि जो बाइक थाने में खड़ी है उसकी नंबर प्लेट फर्जी है और उसका इंजन व चेसिस नंबर भी मिटा दिया गया है। अब पुलिस इस बाइक का असली नंबर व उसके मालिक तक पहुंचने का प्रयास कर रही है और उस युवक का भी पता लगाया जा रहा है जो बाइक को जब्त करते समय अपना पता लिखवाकर गया था।
बॉक्स
पुलिस ने चेकिंग के दौरान कोई भी कागजात नहीं होने के कारण बाइक को जब्त किया था। काफी इंतजार करने के बाद जब बाइक को छुड़वाने नहीं आया तो नंबर प्लेट के नंबर से जब पुलिस मालिक तक पहुंची तो उसने बताया कि उसकी बाइक उसके घर पर है। उसकी कोई भी बाइक इंपाउंड नहीं हुई है। अब पुलिस मामले में जांच करेगी। कोर्ट के आदेश पर अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
उमेद सिंह, थाना प्रभारी नारनौंद।