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Hisar News: हांसी नगर परिषद का हिसाब-किताब खंगालने चंडीगढ़ से पहुंची ऑडिट टीम, तीन सप्ताह रुकेगी तीन सदस्यीय टीम

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नगर परिषद कार्यालय में मौजूद ऑडिट टीम। 
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हांसी। शहर में हुए विकास कार्यों और योजनाओं के पैसे के आवंटन व खर्च के ऑडिट के लिए चंडीगढ़ से तीन सदस्यीय टीम मंगलवार को नगर परिषद पहुंची। टीम तीन सप्ताह तक रिकॉर्ड की जांच करेगी। इसके लिए सभी शाखाओं से रिकॉर्ड तलब किया गया है। टीम के आगमन से नगर परिषद के अधिकारियों और ठेकेदारों में हड़कंप मच गया। मंगलवार को कार्यालय में टीम के आने की सूचना मिलते ही ठेकेदार गायब हो गए।
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नगर परिषद में चार साल के बाद ऑडिट हो रहा है। इसके लिए चंडीगढ़ के प्रधान महालेखाकार कार्यालय से एक सीनियर अकाउंट ऑफिसर और दो अकाउंट ऑफिसर यहां पहुंचे हैं। सबसे पहले उन्होंने नगर परिषद और नगर सुधार मंडल कार्यालय में शिफ्ट नगर परिषद की शाखाओं का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने सभी शाखाओं के अधिकारियों को तलब कर उनके रिकॉर्ड की मांग की है।
ऑडिट टीम के लिए परिषद की सचिव के कमरे को खाली करवा दिया गया है और सचिव को अकाउंट शाखा में बिठाया गया है। टीम यहां तीन सप्ताह तक रहकर प्रत्येक शाखा के दस्तावेजों की जांच करेगी। जांच के बाद दस्तावेज में पाई जाने वाली कमियों की एक सूची बनाई जाएगी। संबंधित शाखा को दस्तावेजों को दुरुस्त करना होगा, अन्यथा उस विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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भ्रष्टाचार के लग चुके आरोप
नगर परिषद कार्यालय पहले भी भ्रष्टाचार के आरोपों में घिर चुका है। कुछ महीने पहले मुख्यमंत्री के उड़नदस्ते ने जांच की थी। जांच के दौरान गाड़ियों और सफाई टिप्परों के तेल के बिल का मिलान नहीं हो पाया और गाड़ियों की लॉग बुक भी नहीं मिली। इसके अलावा सफाई व्यवस्था पर किए जाने वाले खर्च को लेकर भी कई सवाल उठ चुके हैं। नगर परिषद की गृह कर शाखा और तकनीकी शाखा भी विवादों में रही हैं।

नगर परिषद के सेक्शन ऑफिसर रविंद्र सिंह पर ठेकेदारों ने बिल पास करने के लिए 6 प्रतिशत कमीशन की मांग करने का आरोप लगाया था। मुख्यमंत्री ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए एसओ को हांसी से हटाकर पंचकूला भेज दिया। इस मामले की जांच के लिए मोहाली के रिटायर्ड एडीजे को इंक्वायरी ऑफिसर नियुक्त किया गया है।

टीम यहां ऑडिट के लिए आई है। इसके लिए जो रिकॉर्ड मांगेंगे, मुहैया करा दिया जाएगा। उन्हें एक अलग कार्यालय दे दिया गया है। - डॉ़ सुरेश चौहान, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद
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