हिसार नगर निगम में सीएम व विधायक की करोड़ों रुपये की ग्रांट में से भी करोड़ों रुपये बचे हुए हैं। ये वो पैसा है जो माइनस में नगर निगम के खाते में बच गए। इस पैसे से भी नगर निगम शहर में अतिरिक्त विकास कार्य करवाएगा। सीएम व विधायक की ग्रांट से भी माइनस में छूटे टेंडर के करीब 2 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बची हुई है। नगर निगम इन रुपयों से भी जल्द ही विकास कार्य के टेंडर लगा सकता है। निगम अधिकारियों का कहना है कि इससे पहले कमिश्नर की अप्रवूल लेनी बाकी है। जैसे ही कमिश्नर साहब की अप्रूवल मिलेगी शहर की सड़कों व अन्य कार्यों के एस्टीमेट बनाकर टेंडर लगाए जा सकेंगे।
सीएम ने दी थी 6 करोड़ की ग्रांट
नगर निगम को सीएम मनोहर लाल खट्टर ने छह करोड़ रुपये की ग्रांट दी थी। इसके अलावा विधायक एवं सीपीएस डॉ. कमल गुप्ता ने 5 करोड़ रुपये की ग्रांट विकास कार्यों के लिए दी थी। नगर निगम ने इन सभी के टेंडर लगा दिए। इनमें से कुछ काम पूरे हो चुके हैं जबकि कुछ कार्य प्रोसेस में है। इन सभी के टेंडर माइनस में गए थे।
20 प्रतिशत माइनस में गए टेंडर
नगर निगम के अधिकारियों व ठेकेदारों की मानें तो सीएम व विधायक के कुल 11 करोड़ रुपये के टेंडर ओवर ऑल करीब 20 प्रतिशत माइनस में गए हैं। अगर 20 प्रतिशत के हिसाब से भी 11 करोड़ को केलकुलेट करें तो यह राशि 2 करोड़ से अधिक बैठती है।
विधायक व सीएम ने ग्रांट दी थी शहर में विकास कार्य करवाने के लिए। अब इसमें से जो माइनस में टेंडर गए हैं वह राशि निगम अधिकारियों को यूज में लानी चाहिए। आज हर वार्ड में विकास कार्य की जरूरत है। निगम अधिकारी इसके टेंडर लगाए। इस मामले को लेकर पहले निगम अधिकारियों से मिलेंगे अगर नहीं माने तो डीसी से मिलकर बात करेंगे।
- डॉ. महेंद्र जुनेजा, पार्षद वार्ड 14
मैंने तो अतिरिक्त पैकेज की मांग की है। जो पैसा माइनस में टेंडर जाने से बचा हुआ है उसके बारे में भी अधिकारियों से बात करेंगे। जो काम पूरे हो चुके हैं उनका केलकुलेट कर नगर निगम जल्द से जल्द बची हुई ग्रांट से टेंडर लगाए इस बारे में बात की जाएगी।
- कर्मबीर ढिल्लो, पार्षद वार्ड 18