सेक्टरों में सफाई को लेकर करीब दो करोड़ रुपये की कीमत का टेंडर डीसी निखिल गजराज ने रद्द कर दिया। अब नए सिरे से टेंडर रिकॉल किए जाएंगे। पूरे मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। टेंडर प्रक्रिया सवालों के घेरे में आने के बाद टेंडर खोलने वाली कमेटी ने भी इसे रद्द करने के लिए लिख दिया था।
नगर निगम कमिश्नर एवं डीसी निखिल गजराज ने बुधवार को ज्वाइंट कमिश्नर एवं सीटीएम सरजीत नैन, नगर निगम की स्वास्थ्य शाखा के अधिकारियों को तलब कर लिया। डीसी के सामने पूरी कमेटी के सदस्य बार-बार सफाई देते रहे। डीसी ने कमेटी सदस्यों को खूब लताड़ा। उन्होंने अधिकारियों को नगर निगम में इस तरह का खेल खेल रहे अधिकारी का नाम लेकर तक कहा कि वह अधिकारी तुम सबको ले डूबेगा। उन्होंने तो साफ कहा कि या तो आप लोग भी उससे मिले हुए हो या फिर आप अनजान हो। निगम आयुक्त ने आदेश दिया कि तुरंत प्रभाव से टेंडर को रद्द करें। नए सिरे से टेंडर रिकॉल किया जाए।
कमेटी करेगी जांच
निगम आयुक्त निखिल गजराज ने संयुक्त आयुक्त सरजीत नैन, निगम सचिव राजेश महता, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर सुभाष और सीनियर अकाउंट ऑफिसर विक्रम की कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी पूरे प्रकरण की जांच करेगी। साथ ही आगे के लिए टेंडर प्रक्रिया के लिए नियम तय करेगी।
रोहतक के अधिकारी पर गिर सकती है गाज
इस मामले को लेकर रोहतक के अधिकारी पर गाज गिर सकती है। उच्च अधिकारियों के सामने और राजनीतिक तौर पर अब रोहतक के एक अधिकारी का नाम ओपन हो गया है। हालांकि वह इस मामले के बाद फिलहाल यहां से ट्रांसफर करवाकर जाने के चक्कर में है।
पैसों का था खेल, ठेकेदार ने दी थी खुली बोली
नगर निगम में इन दिनों चर्चा है कि इस पूरे मामले के पीछे पैसों का खेल था। छोटे कर्मचारियों से लेकर उच्च अधिकारी तक इस खेल में शामिल थे। ठेकेदार भी पॉलिटिकल पावर लिए हुए था। उसने अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक को इस काम को करवाने के लिए खुली बोली दे रखी थी। चर्चा यह भी है कि जिस अधिकारी के साथ ठेकेदार का झगड़ा हुआ, अगले ही दिन वह उन्हें 15 हजार रुपये थमा गया। बाकी कर्मचारियों के नाम भी हिस्सेदारी के रुपयों की राशि का जिक्र सामने आ रहा है।
ये थे कमेटी में शामिल
सेक्टरों की सफाई को लेकर लगाए गए टेंडर मामले में कमेटी में शामिल अधिकारियों की मीटिंग के बाद रद्द के लिए सहमति बनी। उन्होंने कुछ अन्य अधिकारियों से भी सलाह ली। खुद का बचाव करने के लिए उन्होंने कमेटी के माध्यम से ही टेंडर रद्द कर रिकॉल करने की अनुशंसा कर दी। कमेटी में सीनियर अकाउंट ऑफिसर उग्रसेन परमार, एक्सईएन रामजीलाल, सीएसआई सुभाष, ज्वाइंट कमिश्नर सरजीत सिंह नैन शामिल थे।
अधिकारियों ने बदले थे नियम
दरअसल एक विशेष कंपनी को ठेका देने के लिए टेंडर की शर्तों में बदलाव किया गया था, जिसमें नए नियम और शर्त लगा दी गई। इन शर्त के कारण केवल एक ही कंपनी इसमें आवेदन कर पाई थी। इस कंपनी की हो ही टेंडर मिलना तय था। कंपनी रोहतक में पूर्व सीएम के परिचित से जुड़ी बताई जा रही थी।