हिसार। 15 से 18 वर्ष तक की लड़कियां भी स्मैक व हेरोइन जैसे नशे के जाल में फंस गई हैं। जिला नागरिक अस्पताल की मनोचिकित्सक के पास तीन महीने के अंदर स्मैक व हेरोइन जैसे नशे की आदी 10 लड़कियां पहुंची हैं। इनमें से जनवरी में चार, फरवरी में तीन व मार्च में तीन लड़कियां आईं। मनोचिकित्सक के अनुसार इन लड़कियों ने नशे सेवन करने का मुख्य कारण तनाव व दोस्तों की संगत बताया है।
घरेलू हिंसा से बढ़ रहा तनाव, गलत दोस्तों की संगत दे रही नशे को न्योता
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार तनाव व गलत दोस्तों की संगत के कारण लड़कियां नशे के जाल में फंस रही हैं। डिप्रेशन का कारण घरेलू हिंसा पाया गया है। अभिभावकों से अपनी बात साझा न करने के कारण लड़कियों में चिड़चिड़ापन बढ़ रहा है, जो आगे जाकर अभिभावकों से टकराव का कारण भी बन रहा है। दूसरा कारण गलत दोस्तों की संगत है। मॉडर्न लाइफ स्टाइल को देखकर भी लड़कियां नशे की गिरफ्त में आ रही हैं।
छह माह के अंदर 1056 मरीज पहुंचे
बीते छह माह में अलग-अलग तरह के नशे से ग्रस्त 1056 मरीज नागरिक अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे, जिनमें सितंबर में 133, अक्तूबर में 152, नवंबर में 142, दिसंबर में 115, जनवरी में 167, फरवरी में 237 व मार्च में 110 मरीज शामिल हैं।
(संवाद)
इलाज चल रहा है
15 से 18 साल की उम्र की लड़कियां भी नशा कर रही हैं। स्मैक व हेरोइन जैसे नशे की आदी कुछ लड़कियों का इलाज नागरिक अस्पताल की ओपीडी में चल रहा है।
- डॉ. पूनम दहिया, मनोचिकित्सक, नागरिक अस्पताल, हिसार।