हिसार नगर निगम में महिला कर्मी से छेड़छाड़ मामले में नगर निगम मेयर ने पीड़िता व आरोपी से पूछताछ की। मौके पर ही नगर निगम सचिव राजेश महता, अधीक्षक कैलाश चंद्र व हेड क्लर्क को कार्यालय में बुलाया गया। मेयर ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद सीधे ज्वाइंट कमिश्नर (जेसी) के पास कॉल कर दी। मेयर ने ज्वाइंट कमिश्नर को दो टूक कहा है कि जिस कर्मचारी पर आरोप लग रहे हैं वह नगर निगम में नहीं आना चाहिए। वहीं पीड़िता ने कहा है कि उसे किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करनी। उसने मेयर के समक्ष हाथ जोड़ लिए।
ऐसे कर्मचारी पर होनी चाहिए कार्रवाई
मेयर ने अधिकारियों से कहा कि मैं औरत हूं और मैं समझ सकती हूं। ऐसा करने वाला कर्मचारी निगम में रहना नहीं चाहिए। कर्मचारी पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। अगर अब उसे ढील दे दी गई तो वह आगे किसी और के साथ ऐसा कर सकता है।
अधिकारियों पर भी बरसीं
मामले को लेकर मेयर अधिकारियों पर भी बरसीं और सचिव को कहा कि आप लोगों ने क्या एक्शन लिया। उस महिला कर्मचारी के पास ही उस कर्मचारी को बैठाया जा रहा है। क्या अधिकारियों का यह फर्ज नहीं बनता कि वे उस पर कार्रवाई करें और कम से कम उस ब्रांच से हटाकर उसे और कहीं लगा दें।
सचिव ने किया मौका मुआयना
नगर निगम सचिव राजेश महता ने मेयर कार्यालय में बुलाए जाने से पहले एकाउंट ब्रांच का दौरा किया। आरोपी कर्मचारी महिला कर्मचारी वाले रूम में ही ड्यूटी दे रहा था।
हेड क्लर्क बोले
मेयर कार्यालय में पूछताछ के दौरान हेड क्लर्क ने साफ कहा कि उक्त कर्मचारी की महिलाओं के प्रति भावनाएं अच्छी नहीं है। वह पहले भी ऐसी हरकतें करता रहा है। कर्मचारियों में चर्चा है कि उक्त कर्मचारी ने पहले भी एक महिला कर्मी के साथ लगभग एक साल पहले भी ऐसा ही किया था।
ये बोले सचिव
सचिव ने आरोपी कर्मचारी को तहबाजारी ब्रांच में लगाने के लिए कहा है। अधिकारी ने कहा है कि वह निगम में नहीं रहेगा। पशु पकड़ने, अतिक्रमण हटाने जैसा काम करता रहेगा।