हिसार। स्वास्थ्य विभाग ने दो दिन में जलभराव वाले क्षेत्रों में जाकर 30 शिविर लगाए। इस दौरान 55 गांवों में जाकर 510 लोगों का स्वास्थ्य जांचा। वहीं शहर में 13 जगह विभागीय टीम पहुंची। स्वास्थ्य विभाग की जांच के दौरान 96 लोग बुखार पीड़ित और त्वचा रोग से पीड़ित 26 लोग मिले। इनको प्राथमिक उपचार दिया गया है।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुभाष खतरेजा ने बताया कि विभागीय अधिकारियों ने भी 22 स्थानों का निरीक्षण किया है। आशा और एएनएम आदि स्वास्थ्यकर्मियों ने 86 जगह जाकर लोगों को जलजनित बीमारियों से बचाव के उपाय बताए। स्वास्थ्य पर्यवेक्षक सुखवीर सिंह, जितेंद्र मलिक, एमपीएचडब्ल्यू आशीष कुमार, बजरंग सोनी, सुरेंद्र कुमार आदि ने शहरी क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाया। 555 मरीजों को ओआरएस के पैकेज बांटे गए। विभागीय टीमों को 47 स्थानों पर पाइपलाइन लीक मिली।
उन्होंने जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सूचित कर लीकेज बंद कराने का अनुरोध किया क्योंकि इसी से जल प्रदूषण हो रहा है। लोग बीमार पड़ रहे हैं और स्वच्छ पेयजल की भी कमी हो रही है। दूषित पानी पीने से डायरिया का खतरा बन रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने लोगों को जागरूक किया। उन्हें बताया कि इस समय पानी को उबाल कर ठंडा कर पीने से काफी हद तक बचाव होगा। बुखार, खांसी, जुकाम या अन्य त्वचा पर किसी तरह का बीमारी लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सक से संपर्क करें। अपने स्तर पर दवा लेने से खतरा बढ़ सकता है।