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टीबी जांच की सीबी नाट मशीन खराब, दूसरी मंगवाने को लिखा पत्र पर नहीं आया कोई जवाब

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हिसार। टीबी अस्पताल की लैब में टीबी (क्षय रोग) जांच के लिए आई सीबी नाट मशीन काफी समय से खराब पड़ी है। वहीं, दूसरी मशीन को अंबाला से मंगवाने के लिए मुख्यालय को पत्र भेजा जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया। ऐसे में छुपी हुई टीबी बीमारी की जांच करवाने आ रहे मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। रोजाना टीबी अस्पताल में 80 से 85 मरीज जांच के लिए आ रहे हैं, जिन्हें मेडिकल कॉलेज अग्रोहा रेफर किया जा रहा है।
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पैक्ड मशीन को मार्च में भेज दिया था अंबाला
टीबी अस्पताल में 57 लाख रुपये की कीमत से सीबी नाट मशीन आई थी। इस मशीन की खास बात ये थे कि इसमें एक बार में 8 मरीजों के नमूनों की जांच की जा सकती है। इतना ही नहीं इसकी क्षमता 16 मरीजों के नमूनों तक बढ़ाई जा सकती थी, लेकिन विड़ंबना ये है कि इस मशीन को लगाया तक नहीं गया और उसे मुख्यालय से आए आदेश पर अंबाला भेज दिया गया। मामला संज्ञान में आने पर उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बातचीत की। इसके बाद मशीन को वापस मंगवाने के लिए मुख्यालय को पत्र भेजा गया।
दो घंटे में मिल जाती रिपोर्ट
सीबी नाट मशीन की खासियत यह है कि एक बार में आठ नमूनों की जांच होती है। इसकी क्षमता को 16 तक बढ़ाया जा सकता है। इसमें लगे नमूनों की रिपोर्ट दो घंटे में मिल जाती है। इस मशीन के जरिये छुपी बीमारी और बीमारी की स्टेज का सही पता चल जाता है। चिकित्सक रिपोर्ट देखने के बाद तुरंत मरीज का उपचार शुरू कर सकते हैं।
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मशीन का कार्टेज खराब, यूएसए से मंगवाया है
टीबी अस्पताल में जो पुरानी सीबी नाट मशीन है वह काफी अरसे से खराब है। कारण ये है कि मशीन का कार्टेज खराब है और उसे यूएसए से मंगवाया गया है, मगर अभी तक वहीं नहीं आया है। इस मशीन में चार मरीजों के नमूनों की जांच की जाती थी। मशीन के खराब होने के कारण ट्रू नाट मशीन पर नमूनों की जांच की जा रही है। इस मशीन में जांच के दौरान जो छुपे हुए जीवाणु हैं वह पकड़ में नहीं आते। जिस कारण टीबी के मरीज की पहचान नहीं हो पाती। इसका असर संदिग्ध मरीजों पर पड़ रहा है। ऐसे में मरीजों को अग्रोहा रेफर किया जा रहा है।
निजी अस्पताल में जांच महंगी
टीबी अस्पताल में आधुनिक मशीन को अंबाला भेजने और एक मशीन खराब होने के कारण मरीजों को निजी अस्पताल में टीबी की जांच करवानी पड़ रहा है। निजी अस्पताल में साढ़े तीन से चार हजार रुपये जांच करवाने में खर्चा आ जाता है। मरीजों को जांच के लिए भटकने के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
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