स्वीटी मर्डर केस मामले में 6 महीने से फरार चल रहे वांडेट एवं 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश सुमित उर्फ काली को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आइजी एसटीएफ की टीम ने काली को मुंडाल बस स्टैंड से पकड़ा है। पुलिस उसे शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड हासिल करेगी। रिमांड के दौरान अभियुक्त से पूछताछ की जाएगी।
आईजी एसटीएफ इंचार्ज इंस्पेक्टर प्रहलाद राय के नेतृत्व में गठित टीम एसआई महेंद्र सिंह, एएसआई संजय, वीरेंद्र, धर्मपाल, हेड कांस्टेबल नरेश व बलजीत ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की। पुलिस को मुखबिर ने बताया कि फिलहाल मुंडाल के पास बदमाश काली है। टीम ने तुरंत प्रभाव से मौके पर पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
गोली मारकर किया था मर्डर
इंदिरा कॉलोनी में रहने वाले काली उर्फ सुमित ने 18 अप्रैल को बाबूलाल गुर्जर के घर फायरिंग कर मेड की बेटी स्वीटी का गोली मारकर मर्डर कर दिया था। काली हालांकि बाबूलाल व उसकी पत्नी का मर्डर करना चाहता था। पहले उन्होंने गली के कोने पर स्थित बाबूलाल के ऑफिस में फायर किए। बाबूलाल ने टेबल का सहारा लेकर खुद की जान बचाई। वारदात के बाद काली अपने साथी के साथ सीधा घर गया और घर में घुसते ही फायर कर दिया। उस दिन स्वीटी अपनी मां की जगह बाबूलाल के घर खाना बनाने गई हुई थी। रसोई में काम कर रही स्वीटी को गोली लगी और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। बदमाश ने सुनीता उर्फ लाली वासी देव वाटिका हिसार के मकान पर दहशत फैलाने के लिए भी उसी दिन फायर किया था।
एक दिन पहले चोटी को मारी थी गोली
बदमाश काली ने स्वीटी मर्डर केस से ठीक एक दिन पहले इसी एरिया में विजय उर्फ चोटी को गोली मार दी थी। हालांकि विजय चोटी की जान बच गई। उस वारदात के अगले ही दिन काली ने बाबूलाल के घर पर वारदात को अंजाम दे दिया। 12 क्वार्टर चौकी के ठीक 100 मीटर दूर हुई इस वारदात के बाद पुलिस अभियुक्त को नहीं पकड़ पाई थी। बदमाश सुमित उर्फ काली हत्या प्रयास के मुकदमे में 14 महीने जेल रहा है। वारदात करने से पहले जनवरी 2016 में ही वह जमानत पर बाहर आया था।