घिराय। गांव नियाणा निवासी 37 वर्षीय कैलाश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसके भाई सुनील ने अज्ञात व्यक्ति पर हत्या कर शव को बरवाला बाईपास पर सड़क किनारे फेंकने का शक जताते हुए पुलिस से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। परिजनों ने अग्रोहा स्थित एमएएमसी पहुंचकर कैलाश के शव की पहचान की।
जांच अधिकारी कृष्ण ने बताया कि मृतक के भाई के बयान हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस को दिए बयान में सुनील ने बताया कि कैलाश गांव में गोलगप्पे की रेहड़ी लगाता था। सात सितंबर 2026 को दोपहर करीब ढाई बजे उसके मोबाइल पर किसी व्यक्ति का फोन आया था। करीब आधे घंटे बाद कैलाश अपने साथ लगभग 37 हजार रुपये लेकर यह कहकर घर से निकला कि उसे बाहर जाना है। उसने यह नहीं बताया कि कहां जा रहा है और परिवार को दो-तीन दिन में लौटने की बात कही थी।
सुनील के अनुसार अगले दिन अखबार में खबर देखने के बाद परिवार को कैलाश की मौत की जानकारी मिली। इसके बाद परिजन अग्रोहा स्थित एमएएमसी पहुंचे और शव की पहचान की। सुनील ने आशंका जताई कि नाम-पता मालूम नहीं होने वाले किसी व्यक्ति ने कैलाश की हत्या करने के बाद शव छिपाने के उद्देश्य से बरवाला बाईपास पर सड़क किनारे फेंका है। पुलिस कैलाश के घर से निकलने के बाद की परिस्थितियों और उसकी मौत के कारणों की जांच कर रही है।