प्रकाश सिंह जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर हांसी के एसडीएम जगदीप सिंह और डीएसपी संदीप मलिक को सस्पेंड कर दिया गया है। इन दोनों को जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित किया है।
जाट आरक्षण आंदोलन के समय हांसी सबसे संवेदनशील एरिया था।
हांसी के आसपास के पांच-छह गांवों में बेहद तनावपूर्ण माहौल रहा। यहां जातीय समुदाय आपस में टकराव की स्थिति तक पहुंच गए थे। मौके पर नियंत्रण करने के लिए आर्मी को तैनात करना पड़ा था। आरक्षण आंदोलन में प्रकाश कमेटी के समक्ष हांसी क्षेत्र के लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ अपने बयान रिकॉर्ड कराए थे।
खासतौर पर डीएसपी के खिलाफ आक्रोश जाहिर किया था। हालात को देखते हुए डीएसपी को आंदोलन के सप्ताह भर बाद ही वहां से हटा लिया गया था। प्रकाश कमेटी ने हांसी और हिसार में लोगों से आंदोलन हिंसा के बारे में साक्ष्य एकत्रित किए थे। उनसे विडियो क्लिप, फोटो, सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य सबूत लिए थे। पीड़ितों ने अपने बयान भी दर्ज कराए थे। घटनास्थल की विडियो रिकॉर्डिंग भी की गई थी। प्रकाश कमेटी ने हांसी के एसडीएम और डीएसपी के खिलाफ नकारात्मक रिपोर्ट दी थी।
15 अप्रैल को हांसी पहुंची थी टीम
प्रकाश कमेटी आंदोलन के करीब एक महीने बाद 15 अप्रैल को हिसार पहुंची थी। कमेटी ने प्रभावित सैनीपुरा, ढाणी पाल, सिसाय गांव में मौके पर जाकर पीड़ितों की बात सुनी थी। मौके पर जले हुए घरों को भी देखा था। इसके बाद कमेटी ने हांसी शहर में मुआयना किया था। यहां कई प्रतिष्ठान आग के हवाले किए गए थे।
गोली से एक की हुई थी मौत
ढाणी पाल गांव में आंदोलन के समय मिंटू गुर्जर की गोली लगने से मौत हुई थी। इसके अलावा हांसी में पूर्व मंत्री अतर सिंह सैनी के चचेरे भाई को भी गोली मारी गई थी। इसके अलावा मारपीट में कई लोग घायल हुए थे।
आग में स्वाह हो गए सपने
भाई जी के ढाबा सहित तीन शोरूम जला दिए गए थे, जिसमें उनका करोड़ों का नुकसान हुआ। सरकार की ओर से उन्हें करीब पौने तीन करोड़ रुपये का मुआवजा जारी किया गया है। इसके अलावा आंदोलन के समय करीब 60 वाहन आग के हवाले किए गए थे। करीब 30 से अधिक मकान जलाकर राख कर दिए गए थे।
नहीं भूल पाएंगे वो मंजर
आरक्षण आंदोलन के समय हिसार संवेदनशील जिलों में शामिल था। यहां चारों ओर से सड़क और रेलमार्ग बंद हो गए थे। प्रशासन की ओर से शहर में करीब एक सप्ताह तक कर्फ्यू लगाया गया था। करीब 15 दिन तक मोबाइल, इंटरनेट सेवाएं बंद रही थीं। हिसार-दिल्ली रेल लाइन पर ट्रेनों का चालन एक माह बाद शुरू हो पाया था।