हिसार। निर्माणाधीन सूर्य नगर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के स्थल पर क्रेन का संतुलन बिगड़ने की घटना के बाद भी अधिकारी सबक नहीं ले रहे हैं। स्थिति यह है कि अब भी बिना सुरक्षा उपकरणों के गार्डर रखे जा रहे हैं। यही नहीं निर्माण स्थल पर रखे एक गार्डर में दरार आई हुई है। इसे लेकर लोगों ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। उधर, आरओबी पर पहले दिन 5 में से 2 गार्डर रखे जा सकें।
बता दें कि हिसार-लुधियाना रेल लाइन पर अंडरपास निर्माण के लिए गार्डर रखते समय मौके पर इस्तेमाल की जा रही 400 टन वजन की क्रेन का संतुलन अचानक बिगड़ गया था। इस दौरान क्रेन एक तरफ से ऊपर उठ गई थी। गनीमत यह रही कि क्रेन का हुक रेलवे लाइन के दूसरी तरफ खड़ी क्रेन के हुक पर टिक गया था, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया था। इस दौरान मौके पर 50 से ज्यादा कर्मचारी व अधिकारी कार्य कर रहे थे। अगर क्रेन पलटती तो कई लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ सकता था।
न तो कर्मचारियों के सिर पर हेलमेट, न ही हाथ में दस्ताने
गार्डर रखते समय कर्मचारियों के सिर पर न तो हेलमेट थी और न ही हाथों में दस्ताने थे। बिना सुरक्षा के उपकरणों के कर्मचारी 25 से 30 फुट की ऊंचाई पर काम कर रहे थे। इस दौरान जरा की लापरवाही उनकी जिंदगी पर भारी पड़ सकती थी। यही नहीं मौके पर बीएंडआर का कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं था।
गार्डर में दरार का वीडियो वायरल
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आरओबी पर रखे जा रहे गार्डर में दरार का एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें साफ नजर आ रहा है कि गार्डर में एक बड़ी दरार आई हुई है। वीडियो बनाने वाले शख्स के अनुसार अगर इस गार्डर को पिलर रखा जाता है तो भविष्य में इससे कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। शख्स ने आरोप लगाया है कि मौके पर इस गार्डर को ढक कर रखा गया है ताकि गार्डर की दरार किसी को नजर न आए।
अंडरपास से आवागमन किया बंद
उधर, गार्डर लॉन्चिंग को देखते हुए अधिकारियों ने दोनों अंडरपास से आवागमन मंगलवार को बंद कर दिया गया। इस कारण से यहां से गुजरने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान दुपहिया वाहन चालक रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरते रहे। हालांकि लोगों को रेलवे ट्रैक से गुजरने से रोकने के लिए मौके पर पुलिस कर्मचारियों की तैनाती की हुई है।
गार्डर बनाते समय इसके अंदर तार डाली जाती है। उस दौरान कभी-कभी दरार भी आ जाती है। इससे उसकी मजबूती पर कोई असर नहीं पड़ता। मैं चंडीगढ़ गया हुआ था। बुधवार को मौके पर आकर सुरक्षा उपकरणों की जांच की जाएगी। - दलबीर राठी, एसडीओ, बीएंडआर